क्रैश हुई चांदी, एक दिन में एक लाख से ज्यादा गिरा भाव; सर्राफा बाजार में मचा हड़कंप

सतीश कुमार
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Silver Price Crash: चांदी की कीमत ने अचानक आई भारी गिरावट से सर्राफा बाजार में हड़कंप मच गया है. पिछले साल निवेशकों को 170 परसेंट का रिटर्न देने वाली चांदी ने MCX पर एक चौंकाने वाला उलटफेर किया. शुक्रवार को एक ही दिन में चांदी की कीमत में 27 परसेंट या 1,07,968 रुपये की गिरावट आई है. यह चांदी की कीमत में अब तक की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है. चांदी की कीमत में अचानक आई इस भारी कमी से यह अब 3 लाख रुपये के लेवल से काफी नीचे चली गई है.

रिकॉर्ड हाई लेवल से क्रैश हुई चांदी

दिलचस्प बात यह है कि चांदी का यह बूलबूला तब फूटा, जब इसकी कीमत गिरावट से एक दिन पहले ही4 लाख रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंची थी. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 1,07,968 रुपये या 27 परसेंट गिरकर 2,91,925 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ. इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट सिल्वर 28 परसेंट गिरकर 85 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गया. आखिर ऐसा क्या हुआ कि अचानक से चांदी की कीमत में इतनी बड़ी गिरावट आई?

मजबूत अमेरिकी डॉलर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वॉर्श को US फेड रिजर्व का नया चेयरमैन चुना है. US फेड में ट्रंप के पसंदीदा वॉर्श की एंट्री के साथ US डॉलर इंडेक्स 97 के निशान से ऊपर चढ़ गया. आमतौर पर डॉलर का मजबूत होना सोने और चांदी दोनों की कीमतों के लिए नेगेटिव है क्योंकि इनकी कीमत दुनियाभर में अमेरिकी डॉलर में तय होती है. डॉलर मजबूत होने से विदेशी खरीदारों के लिए ये महंगे हो जाते हैं और इनकी डिमांड कम हो जाती है. ज्यादा इंटरेस्ट रेट  चांदी जैसी नॉन-इंटरेस्ट देने वाली एसेट्स की अपील को कम कर देते हैं.

सोने की बढ़ती कीमत का दबाव

चांदी की कीमतें अक्सर सोने के ट्रेंड को फॉलो करती हैं. हफ्ते की शुरुआत में सोने की कीमतें रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई थीं. ग्लोबल अनिश्चितता के कारण स्पॉट गोल्ड 5600 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया था. हालांकि, शुक्रवार को कीमतों में आई गिरावट से यह 4.7 परसेंट गिरकर 5,143.40 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. MCX पर सोने का फरवरी वायदा 12 परसेंट या 20,514 रुपये गिरकर 1,50,440 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ.

सिटी रिसर्च ने कहा कि केविन वॉर्श का नॉमिनेशन इस बात का समर्थन करता है कि फेडरल रिजर्व स्वतंत्र रहेगा. बैंक ने इसे सोने के लिए मीडियम-टर्म बेयरिश फैक्टर बताया. इस नजरिए का असर चांदी की भावनाओं पर भी पड़ा.

दरअसल, वॉर्श को एक ऐसे इंसान के तौर पर देखा जा रहा है जो ट्रंप प्रशासन की नीतियों से सहमति रखने के बावजूद संस्थागत स्वतंत्रता पर भी जोर देते हैं. ऐसे में राजनीतिक दबाव में न रहते हुए वह अपना रूख आंकड़ों के आधार पर बदल सकते हैं.

 

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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