डमी कैंडिडेट बनाकर पुलिस ने खोला MBA एडमिशन घोटाला, लाखों रुपये ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार

aditisingh
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देश की शिक्षा व्यवस्था को हिला देने वाला एक गंभीर मामला राजधानी दिल्ली से सामने आया है, जहां MBA एडमिशन के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था.दिल्ली पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि कुछ एजेंट, शिक्षा कंसल्टेंसी और दलाल मिलकर छात्रों को गलत तरीकों से कॉलेजों में दाखिला दिलाने का धंधा चला रहे थे. इस रैकेट के जरिए न सिर्फ छात्रों से मोटी रकम वसूली जा रही थी, बल्कि मेहनत और योग्यता के बजाय पैसे के दम पर सीटें बेची जा रही थीं. पुलिस के अनुसार, इस फर्जीवाड़े में डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षा दिलवाना, फर्जी दस्तावेज तैयार करना और विशेष कोटे का गलत इस्तेमाल करना शामिल था. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और कई छात्रों को अवैध तरीके से MBA कॉलेजों में एडमिशन दिला चुका था. इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है और अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच में जुट गई है.

क्या है पूरा मामला

दिल्ली पुलिस को लंबे समय से MBA एडमिशन में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कुछ शिक्षा कंसल्टेंसी और दलाल छात्रों से मोटी रकम लेकर उन्हें कॉलेज में दाखिला दिलाने का झांसा दे रहे थे.आरोप है कि ये लोग परीक्षा में असली छात्र की जगह डमी कैंडिडेट को बैठाकर अच्छे नंबर हासिल करवाते थे. इसके अलावा कुछ मामलों में फर्जी दस्तावेज तैयार करके विशेष कोटे का गलत फायदा उठाया जा रहा था.

कैसे चलता था एडमिशन रैकेट

जांच में खुलासा हुआ कि रैकेट से जुड़े लोग पहले छात्रों और उनके परिवारों से संपर्क करते थे. इसके बाद वे एडमिशन पक्का कराने का भरोसा दिलाकर लाखों रुपये तक की मांग करते थे.इसके लिए आरोपी गिरोह फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज तैयार करता था.कई बार परीक्षा में दूसरे व्यक्ति को बैठाकर रिजल्ट बेहतर कराया जाता था, जिससे छात्रों को प्रतिष्ठित कॉलेजों में एडमिशन मिल सके.

पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने छापेमारी कर कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस ने कंप्यूटर, फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं.अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच अभी जारी है और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले में किन-किन कॉलेजों या एजेंसियों की भूमिका रही है.

छात्रों और अभिभावकों को सलाह

पुलिस और शिक्षा विशेषज्ञों ने छात्रों और अभिभावकों को सावधान रहने की सलाह दी है. एडमिशन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में शॉर्टकट अपनाने से भविष्य खराब हो सकता है.विशेषज्ञों का कहना है कि एडमिशन हमेशा आधिकारिक वेबसाइट और सही प्रक्रिया के जरिए ही लेना चाहिए. किसी एजेंट या कंसल्टेंसी के झांसे में आने से पहले उसकी पूरी जांच जरूर कर लें.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.