देखने में हेल्दी हैं लेकिन बेबी नहीं कर पा रहीं कंसीव, डॉक्टर्स से समझें फर्टिलिटी बैरियर

सतीश कुमार
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आज बड़ी संख्या में ऐसी युवा महिलाएं हैं जो फिट हैं, एक्टिव हैं, सही खाना खाती हैं, योग-जिम करती हैं और बाहर से बिल्कुल हेल्दी नजर आती हैं. ऐसे में जब महीनों तक कोशिश करने के बाद भी प्रेगनेंसी नहीं ठहरती, तो सबसे पहला सवाल यही आता है, मैं तो बिल्कुल ठीक दिखती हूं, फिर मेरे साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है. यह सवाल सिर्फ उलझन का नहीं, बल्कि मानसिक तनाव, खुद पर शक और कई बार अपराधबोध तक ले जाता है.

कई महिलाएं सोचने लगती हैं कि शायद उनसे ही कोई गलती हो रही है, जबकि सच्चाई यह है कि फर्टिलिटी सिर्फ बाहर से दिखने वाली हेल्थ से तय नहीं होती है. आज के तेज, तनाव भरे और अनियमित जीवन में फर्टिलिटी से जुड़ी कई समस्याएं ऐसी होती हैं, जिनके कोई साफ लक्षण दिखाई नहीं देते. इसी वजह से महिलाएं समय पर जांच नहीं करा पातीं और इलाज में देरी हो जाती है. 

हेल्दी दिखना और फर्टाइल होना दोनों अलग कैसे हैं

डॉक्टर्स कहते हैं कि यह एक बहुत आम गलतफहमी है कि जो महिला बाहर से हेल्दी दिखती है, उसे गर्भधारण में कोई दिक्कत नहीं हो सकती, हकीकत यह है कि आज कई ऐसी महिलाएं, जो पूरी तरह सामान्य जीवन जी रही हैं, फिर भी कंसीव नहीं कर पा रही हैं और यह अब असामान्य नहीं रह गया है.  मेडिकल भाषा में, 35 साल से कम उम्र की महिला अगर 12 महीने तक बिना किसी सुरक्षा के संबंध बनाने के बाद भी प्रेग्नेंट नहीं होती और 35 साल से अधिक उम्र की महिला अगर 6 महीने में कंसीव नहीं कर पाती, तो इसे बांझपन (Infertility) माना जाता है.  दुनियाभर में लगभग हर 6 में से 1 दंपत्ति इस समस्या से जूझ रहा है.  समय पर जांच न कराने से न सिर्फ इलाज मुश्किल होता है, बल्कि मानसिक दबाव भी बढ़ता जाता है. 

प्रेगनेंसी एक नाजुक और जटिल प्रक्रिया 

अक्सर लोग सोचते हैं कि बस संबंध बनाने से प्रेग्नेंट हो जाती है, लेकिन असल में इसके पीछे शरीर के अंदर कई जरूरी प्रक्रियाएं सही तरह से काम करनी होती हैं. प्रेगनेंस के लिए जरूरी है कि हर महीने सही समय पर ओव्यूलेशन होना, फैलोपियन ट्यूब का खुला और हेल्दी होना, शुक्राणुओं की अच्छी क्वालिटी और संख्या, अंडाणु और शुक्राणु का सही तरह से निषेचित होना और निषेचित अंडाणु का गर्भाशय में जाकर सफलतापूर्वक चिपकना (इम्प्लांटेशन) इनमें से किसी भी स्टेज पर अगर छोटी-सी भी गड़बड़ी हो जाए, तो प्रेगनेंसी रुक सकती है और खास बात यह है कि अक्सर इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते हैं.

कौन सी बीमारियां जो दिखती नहीं, लेकिन फर्टिलिटी को प्रभावित करती हैं
 
1. पीसीओएस (PCOS) – यह एक हार्मोनल समस्या है, जो प्रजनन आयु की 6 से 13 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करती है. इसमें ओव्यूलेशन नियमित नहीं होता, जिससे कंसीव करने में दिक्कत आती है., कई महिलाओं को इसके लक्षण भी साफ महसूस नहीं होते है. 

2. एंडोमेट्रियोसिस – इस स्थिति में यूर्टस टिशू यूर्टस के बाहर बनने लगता है. यह अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब के काम में रुकावट डाल सकता है. हैरानी की बात यह है कि कई बार इसमें तेज दर्द भी नहीं होता, इसलिए महिला को पता ही नहीं चलता है. 

3. फैलोपियन ट्यूब का ब्लॉक होना – पुराने संक्रमण, सर्जरी या गर्भाशय की बनावट से जुड़ी समस्याओं के कारण ट्यूब ब्लॉक हो सकती हैं. यह समस्या अक्सर बिना किसी लक्षण के होती है, लेकिन प्रेगनेंसी की संभावना को काफी कम कर देती है. 

जब सभी जांच सामान्य हों, फिर भी प्रेग्नेंसी न हो

कुछ मामलों में सभी टेस्ट नॉर्मल आने के बावजूद प्रेगनेंसी नहीं ठहरती है. इसे डॉक्टर अस्पष्ट बांझपन (Unexplained Infertility) कहते हैं. इसका मतलब यह नहीं कि अब कोई रास्ता नहीं बचा, इसका मतलब सिर्फ इतना है कि ओव्यूलेशन के समय, अंडाणु और शुक्राणु की आपसी प्रक्रिया या इम्प्लांटेशन में कोई बहुत सूक्ष्म समस्या हो सकती है, जिसे आज के टेस्ट पकड़ नहीं पाते, ऐसे मामलों में पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट और सहायक प्रजनन तकनीकें मददगार साबित होती हैं. 

डॉक्टर से जल्दी मिलना क्यों जरूरी है?

डॉक्टर महिलाओं को सलाह देते हैं कि अगर आप 6 से 12 महीने तक कोशिश करने के बाद भी कंसीव नहीं कर पा रही हैं, तो इंतजार न करें. समय पर जांच कराने से समस्या की सही पहचान होती है, लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं, दवाओं या आईवीएफ जैसी तकनीकों से सही समय पर इलाज संभव होता है. आज जब कई महिलाएं करियर या निजी कारणों से मातृत्व को टाल रही हैं, तब जागरूकता और समय पर कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है. 

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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