फ्लाइट में एयरप्लेन मोड क्यों जरूरी? जान बचाने वाला नियम या सिर्फ औपचारिक हिदायत, सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे

सतीश कुमार
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Flight Mode: हवाई यात्रा के दौरान एक अनाउंसमेंट आप लगभग हर बार सुनते हैं कृपया अपने मोबाइल फोन को एयरप्लेन मोड पर डाल लें. दुनिया भर की एयरलाइंस टेक-ऑफ से पहले और फ्लाइट के दौरान यह निर्देश देती हैं. कई यात्रियों को यह सिर्फ एक औपचारिक नियम लगता है लेकिन एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसका सीधा संबंध सुरक्षा, साफ कम्युनिकेशन और नेटवर्क कंट्रोल से है न कि अचानक विमान गिर जाने के डर से.

एयरप्लेन मोड असल में करता क्या है?

एयरप्लेन मोड ऑन करने से फोन के मोबाइल नेटवर्क, Wi-Fi और ब्लूटूथ सिग्नल बंद हो जाते हैं. ऊंचाई पर पहुंचने के बाद फोन लगातार नीचे मौजूद मोबाइल टावरों से कनेक्ट होने की कोशिश करता है. इस प्रक्रिया में वह एक साथ कई टावर पकड़ने की कोशिश कर सकता है जिससे अनचाहा सिग्नल इंटरफेरेंस पैदा होता है.

क्या इससे विमान के सिस्टम पर असर पड़ता है?

आधुनिक विमान तकनीकी रूप से काफी सुरक्षित और शील्डेड होते हैं, इसलिए एक-दो मोबाइल फोन से नेविगेशन या कंट्रोल सिस्टम को बड़ा खतरा नहीं होता. लेकिन पायलट्स के अनुभव बताते हैं कि जब कई यात्री एयरप्लेन मोड नहीं लगाते तो कॉकपिट में हेडसेट के जरिए आने वाली आवाज़ में रुकावट या शोर सुनाई दे सकता है.

पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच साफ़ बातचीत बेहद जरूरी होती है खासकर टेक-ऑफ और लैंडिंग के समय, इसलिए छोटी सी दिक्कत को भी गंभीरता से लिया जाता है.

मोबाइल नेटवर्क पर क्या पड़ता है असर?

एयरप्लेन मोड बंद रखने का असर सिर्फ विमान तक सीमित नहीं रहता. तेज़ रफ्तार और ऊंचाई पर उड़ता फोन बार-बार अलग-अलग मोबाइल टावरों से जुड़ने की कोशिश करता है जिससे नीचे जमीन पर मौजूद नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. इसका नतीजा यह होता है कि ज़मीन पर मौजूद यूजर्स की नेटवर्क क्वालिटी प्रभावित हो सकती है.

नियम न मानने पर क्या हो सकता है?

अक्सर केबिन क्रू यात्रियों को विनम्रता से एयरप्लेन मोड ऑन करने की याद दिला देते हैं. लेकिन अगर कोई बार-बार निर्देशों को नजरअंदाज करता है तो इसे फ्लाइट सेफ्टी नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है. ऐसे मामलों में चेतावनी दी जा सकती है और बहुत ही दुर्लभ स्थिति में लैंडिंग के बाद कानूनी कार्रवाई भी संभव है.

फ्लाइट Wi-Fi का क्या?

आजकल कई एयरलाइंस फ्लाइट के दौरान Wi-Fi की सुविधा देती हैं, जो सैटेलाइट सिस्टम के जरिए काम करती है. इसे क्रूज़िंग हाइट पर इस्तेमाल करने की अनुमति होती है. यात्री एयरप्लेन मोड ऑन रखकर Wi-Fi और ब्लूटूथ का उपयोग कर सकते हैं, बशर्ते मोबाइल नेटवर्क बंद रहे.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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