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अब बर्गर भी बना रही है AI, स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटते रह गए लोग

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On June 28, 2026
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  • स्टैनफोर्ड AI ने बर्गर रेसिपी बनाई, पोषण, लागत देखेगा।
  • यह AI 2200 से अधिक रेसिपी पर प्रशिक्षित, पसंद समझेगा।
  • परीक्षण में AI बर्गर ने बड़ी कंपनी को स्वाद में पछाड़ा।
  • यह AI ढांचा दवा, बायोमेटेरियल डिजाइन कर सकता है।

BurgerAI: कोडिंग से लेकर वीडियो जनरेशन और नई दवाओं की खोज तक में एआई का यूज किया जा रहा है. अब यह टेक्नोलॉजी आपके स्वाद को भी बदलने वाली है. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने एक नया एआई सिस्टम पेश किया है, जो बर्गर की रेसिपी तैयार कर सकता है. इसकी खास बात यह होगी कि यह रेसिपी में स्वाद के साथ-साथ न्यूट्रिशन, सस्टेनेबिलिटी और लागत का भी ध्यान रखेगा. जब इस सिस्टम को टेस्ट करने की बारी आई तो इसकी रेसिपी से बने बर्गर का स्वाद लोगों को खूब पसंद आया और इसने स्वाद के मामले में एक बड़ी कंपनी के बर्गर को भी पीछे छोड़ दिया. आइए जानते हैं कि यह सिस्टम कैसे काम करता है और इसे किस खास पर्पज के लिए बनाया गया है.

कैसे काम करता है BurgerAI सिस्टम?

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी का कहना है कि BurgerAI को बर्गर की 2200 से अधिक रेसिपी पर ट्रेनिंग दी गई है. इसकी मदद से यह समझ पाता है कि अलग-अलग इनग्रेडिएंट कैसे एक-दूसरे के साथ काम करते हैं. यह मॉडल लोगों की पसंद समझने की बजाय उनकी उम्र, न्यूट्रिशनल जरूरतों, पर्सनल टेस्ट और दूसरी चीजों को ध्यान में रखकर नई रेसिपी तैयार कर देता है. यानी यह खाने वाले की जरूरत को समझते हुए हर एक व्यक्ति के लिए हर बार नई रेसिपी बना सकता है.

स्वाद के मामले में कोई समझौता नहीं

रिसर्चर ने BurgerAI सिस्टम से बने बर्गर का टेस्ट जानने के लिए 100 से अधिक लोगों को बुलाकर ट्रायल किया था. ट्रायल के दौरान इस सिस्टम से बने दो बर्गर ने स्वाद, फ्लेवर और टेक्सचर के मामले में बड़ी कंपनी के बर्गर को पछाड़ दिया था. इससे भी हैरानी की बात यह है कि मशरूम वाली एक रेसिपी के एन्वायरनमेंटल फुटप्रिंट भी कम थे. आसान भाषा में समझें तो यह सिस्टम ऐसे बर्गर बना सकता है, जिससे पर्यावरण पर बुरा असर भी न पड़े और खाने वाले को भी संतुष्टि हो जाए.

सिर्फ बर्गर ही डिजाइन नहीं करेगा यह सिस्टम

रिसर्चर ने बताया कि इस सिस्टम को सिर्फ बर्गर बनाने के लिए डिजाइन नहीं किया गया है. यह एक प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट है. यानी इसी एआई फ्रेमवर्क को यूज कर मेडिसीन से लेकर दूसरे बायोमेटैरियल को भी डिजाइन किया जा सकता है. अगर यह सिस्टम बड़े स्तर पर कामयाब होता है और टेस्ट, हेल्थ और कॉस्ट को ध्यान में रखकर परफेक्ट रेसिपी बना सकता है तो यह कई इंजीनियरिंग मुश्किलों को हल कर देगा.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।