अब स्कूलों में कराई जाएगी जेईई-नीट की तैयारी, इस राज्य में बनेंगे मॉडल स्कूल

aditisingh
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आज के समय में 12वीं के बाद अच्छी पढ़ाई और बेहतर करियर बनाने के लिए छात्रों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए JEE  और मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए NEET जैसी कठिन परीक्षाएं देनी होती हैं. ये दोनों परीक्षाएं देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में गिनी जाती हैं. हर साल लाखों छात्र इन एग्जाम में शामिल होते हैं, लेकिन सीटें सीमित होने की वजह से सफलता कुछ ही छात्रों को मिल पाती है. अक्सर देखा जाता है कि इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र महंगे कोचिंग संस्थानों का सहारा लेते हैं. बड़े शहरों में कोचिंग की फीस बहुत ज्यादा होती है, जो हर परिवार के लिए संभव नहीं है.

खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन जाती है. कई प्रतिभाशाली छात्र सिर्फ पैसों की कमी के कारण अच्छी तैयारी नहीं कर पाते और उनका सपना अधूरा रह जाता है. इसी समस्या को समझते हुए बिहार सरकार ने एक जरूरी फैसला लिया है. अब राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को भी जेईई, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी. इसके लिए हर ब्लॉक में एक-एक मॉडल स्कूल खोला जाएगा, जहां पढ़ाई का स्तर प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुसार रखा जाएगा. 

9वीं कक्षा से ही शुरू होगी तैयारी

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि छात्रों को 9वीं कक्षा से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की दिशा में तैयार किया जाएगा. आमतौर पर छात्र 11वीं या 12वीं में जाकर तैयारी शुरू करते हैं, जिससे समय कम पड़ जाता है और सिलेबस भी ज्यादा होता है, लेकिन अब मॉडल स्कूलों में बच्चों की नींव शुरुआत से ही मजबूत की जाएगी. इन स्कूलों में अनुभवी शिक्षक और विषय विशेषज्ञ पढ़ाएंगे. छात्रों के लिए नियमित टेस्ट सीरीज आयोजित की जाएगी, ताकि वे परीक्षा के पैटर्न को अच्छी तरह समझ सकें. साथ ही डाउट क्लीयरिंग सेशन, करियर काउंसलिंग और आधुनिक लाइब्रेरी की सुविधा भी मिलेगी. बेहतर स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे छात्रों को अलग से कोचिंग लेने की जरूरत न पड़े. 

हर ब्लॉक में खुलेगा मॉडल स्कूल

सरकार की योजना है कि राज्य के सभी 543 ब्लॉकों में मॉडल स्कूल शुरू किए जाएं. इससे गांव और छोटे शहरों के छात्रों को भी बड़े शहरों जैसी सुविधा मिलेगी. शिक्षा का स्तर एक समान करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है. इन स्कूलों की शुरुआत इसी शैक्षणिक सत्र से करने की तैयारी है. अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो हजारों छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा. इससे राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने वाले छात्रों की संख्या भी बढ़ सकती है. 

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ऐसे मिलेगा एडमिशन

मॉडल स्कूलों में एडमिशन सीधे नहीं दिया जाएगा. इसके लिए एक प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद के तहत कराई जाएगी. परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों को मेरिट के आधार पर प्रवेश मिलेगा. इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पढ़ाई का माहौल सही बना रहे. जिन छात्रों का चयन होगा, उन्हें नियमित रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुसार पढ़ाया जाएगा और उनकी प्रगति पर नजर रखी जाएगी. 

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.