India Forex Reserve: वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर में उतार-चढ़ाव के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. लंबे समय के बाद देश के विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूत बढ़त देखने को मिली है. जिससे बाजार और अर्थव्यवस्था दोनों को राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है.
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 16 जनवरी 2026 को खत्म हुए सप्ताह में भारत का फॉरेक्स रिजर्व बढ़कर 701.36 अरब डॉलर के आंकड़े पर पहुंच गया है. यह बढ़ोतरी देश की वित्तीय स्थिति को मजबूती देने वाला संकेत मानी जा रही है. आइए जानते हैं, इस बारे में….
क्या कहते हैं आंकड़े?
फॉरेन करेंसी और सोने के भंडार में आई मजबूती की वजह से 16 जनवरी को खत्म हुए सप्ताह में भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 14.17 अरब डॉलर की बढ़ोतरी देखने को मिली है. इसके बाद कुल भंडार बढ़कर 701.36 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. जो 17 अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे ऊंचा लेवल है. इन आंकड़े से साफ पता चलता है कि फिलहाल देश की बाहरी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है.
विशेषज्ञों की राय
बाजार जानकारों के अनुसार, यह खबर ऐसे समय में आई है, जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. विदेशी मुद्रा भंडार में आई इस तेजी से देश को राहत मिल सकती हैं, क्योंकि यह एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.
सोना बना भरोसेमंद विकल्प
इस सप्ताह देश के स्वर्ण भंडार ने भी तेजी देखने को मिली है. भंडार में 4.623 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और कुल सोना भंडार 117.454 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर के आंकड़े पर पहुंच गया है. जो दुनिया के बाजारों में चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच सोने को एक भरोसेमंद असेट्स बनाता है.
साथ ही इन भंडारों में केवल अमेरिकी डॉलर ही नहीं रखी जाती है. बल्कि यूरो, जापानी येन और ब्रिटिश पाउंड जैसी अन्य प्रमुख मुद्राएं भी देश के विदेशी मुद्रा भंडार में शामिल होती हैं.
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