ICICI Bank Q3 Results: प्राइवेट सेक्टर के लेंडर ICICI बैंक ने शनिवार को अपने दिसंबर तिमाही के नतीजे का ऐलान कर दिया. 31 दिसंबर, 2025 को खत्म हुई तीसरी तिमाही के दौरान बैंक का टैक्स के बाद प्रॉफिट (PAT) 11,318 करोड़ रुपये बताया गया, जो एक साल पहले की समान तिमाही के 11,792 करोड़ से 4 परसेंट कम है. बैंक के ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस पर प्रोविजनिंग में बढ़त का साफ देखा जा सकता है. बैंक ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के निर्देशों के चलते प्रोविजनिंग में बढ़त दर्ज हुई है.
बैंक ने अपनी अर्निंग्स रिपोर्ट में बताया कि नेट इंटरेस्ट इनकम और फीस इनकम में ग्रोथ के चलते Q3FY26 में उसका कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 6 परसेंट बढ़कर 17,513 करोड़ हो गया. अर्निंग्स रिपोर्ट के अनुसार, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सालाना आधार पर 7.7 परसेंट बढ़कर 21,932 करोड़, जबकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) Q3FY25 के 4.25 परसेंट के मुकाबले थोड़ा बेहतर होकर 4.30 परसेंट हो गया और Q2FY26 से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ.
नॉन-इंटरेस्ट इनकम कितना रहा?
कारोबारी साल 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में नॉन-इंटरेस्ट इनकम (ट्रेजरी को छोड़कर) सालाना आधार पर 12.4 परसेंट की बढ़त के साथ 7,525 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिसमें 6,572 करोड़ की फीस इनकम शामिल है, जो सालाना आधार पर 6.3 परसेंट ज्यादा है. इस तिमाही में टोटल फीस का लगभग 78 परसेंट हिस्सा रिटेल, ग्रामीण और बिजनेस बैंकिंग कस्टमर्स से आया.
बैंक के मुताबिक, ऑपरेटिंग खर्च सालाना आधार पर 13.2 परसेंट बढ़कर 11,944 करोड़ हो गया, जिसमें नए लेबर कोड के तहत अनुमानित 145 करोड़ का प्रोविजन शामिल है. बैंक ने इस तिमाही में 157 करोड़ का ट्रेजरी लॉस बताया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 371 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था, जो बाजार में उतार-चढ़ाव को दिखाता है.
Q3FY26 में बढ़ा प्रोविजन
Q3FY26 में प्रोविजन (टैक्स को छोड़कर) Q3FY25 के 1,227 करोड़ से बढ़कर 2,556 करोड़ हो गया. इसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एनुअल सुपरवाइजरी रिव्यू के बाद 1,283 करोड़ का अतिरिक्त स्टैंडर्ड एसेट प्रोविजन शामिल रहा. RBI ने बैंक को एग्रीकल्चर प्रायोरिटी सेक्टर लोन के पोर्टफोलियो पर यह प्रोविजन करने का निर्देश दिया, जहां कुछ फेसिलिटीज को प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग क्लासिफिकेशन नियमों के मुताबिक नहीं पाया गया था. बैंक ने साफ किया कि एसेट क्लासिफिकेशन उधारकर्ता की शर्तों या रीपेमेंट व्यवहार में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह प्रोविजन तब तक रहेगा जब तक लोन का भुगतान नहीं हो जाता या रेगुलेटरी गाइडलाइंस के अनुसार उन्हें रिन्यू नहीं किया जाता.
एसेट क्वालिटी में सुधार
अर्निंग्स रिपोर्ट से पता चला कि एवरेज डिपॉजिट सालाना आधार पर 8.7 परसेंट की बढ़त के साथ 15,86,088 करोड़ हो गया, जिसमें एवरेज CASA रेश्यो 39 परसेंट रहा. इस दौरान टोटल डिपॉजिट भी सालाना आधार पर 9.2 परसेंट बढ़कर 16,59,611 करोड़ हो गया. डोमेस्टिक लोन पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 11.5 परसेंट बढ़कर 14,30,895 करोड़ हो गया.
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर, नेट NPA तिमाही आधार पर सुधरकर 0.37 परसेंट रहा, जो पिछली तिमाही में 0.39 परसेंट था. ग्रॉस NPA रेश्यो भी दिसंबर के आखिर तक घटकर 1.53 परसेंट हो गया, जो सितंबर 2025 में 1.58 परसेंट और एक साल पहले 1.96 परसेंट था. इस तिमाही में ग्रॉस NPA में 5,356 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले साल की दिसंबर तिमाही के 6,085 करोड़ से कम है, जबकि रिकवरी और अपग्रेड (राइट-ऑफ और बिक्री को छोड़कर) 3,282 करोड़ रहा. बैंक ने इस तिमाही में 2,046 करोड़ के ग्रॉस NPA को राइट-ऑफ किया.
शुक्रवार को ICICI बैंक के शेयर 0.46 परसेंट गिरकर 1,411.65 रुपये पर बंद हुए. बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 10.09 लाख करोड़ हो गया.
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