Electric Car खरीदना मौजूदा समय में एक बहुत ही स्मार्ट और फायदेमंद फैसला है. ये न केवल पेट्रोल-डीजल कारों की तुलना में लंबे समय में काफी सस्ती पड़ती है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर होती है और ड्राइविंग का अनुभव भी बेहद शानदार और शांत प्रदान करती है. सही EV चुनने के लिए सबसे पहले अपनी व्यक्तिगत जरूरतों का सही आकलन करना बहुत जरूरी है.
जैसे कि आप रोजाना कितने किलोमीटर चलाते हैं, आपका ज्यादातर इस्तेमाल शहर की सड़कों पर होता है या हाईवे पर लंबी यात्राओं के लिए और परिवार के साथ सफर करते हैं या सिर्फ अकेले या दो लोगों के लिए कार चाहिए. नई EV खरीदते समय ये सभी जरूरतों और रेंज, बजट के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का ख्याल रखना बहुत जरूरी है. आइए, इलेक्ट्रिक कार खरीदते समय ध्यान रखने वाली कुछ बातों के बारे में जानते हैं.
रेंज चेक करें
सबसे पहले आपको ये अंदाजा लगाना है कि आप डेली कितने किलोमीटर चलेंगे. उस हिसाब से ही अपने लिए एक बेहतर Electric Car चुनें. अगर आपका दैनिक सफर 50 से 80 किलोमीटर से कम है और घर या ऑफिस पर चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है, तो 300 से 400 किलोमीटर रेंज वाली कार आपके लिए पर्याप्त होगी, जबकि लंबी यात्राओं के लिए 450 किलोमीटर या उससे ज्यादा रेंज वाली कार बेहतर विकल्प साबित होगी.
रेंज और बैटरी की क्षमता पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ARAI द्वारा बताई गई रेंज से वास्तविक दुनिया में 20 से 30 प्रतिशत कम रेंज मिलती है, जो एयर कंडीशनिंग, स्पीड और ट्रैफिक जैसी वजहों से प्रभावित होती है. बजट में आने वाली कारों (10 से 15 लाख रुपये) में 250 से 350 किलोमीटर रेंज मिलती है, जबकि मिड-रेंज (15 से 25 लाख) में 400 से 500 किलोमीटर और प्रीमियम सेगमेंट में 500 किलोमीटर से ज्यादा रेंज उपलब्ध होती है.
बैटरी की वारंटी चेक करें
बैटरी की वारंटी भी चेक करें, क्योंकि ज्यादातर कंपनियां 8 साल या 1.6 लाख किलोमीटर तक की गारंटी देती हैं. वहीं, Tata और Mahindra जैसी कंपनियों की बैटरी डिग्रेडेशन पॉलिसी काफी मजबूत है. अगर आप यूज्ड EV ले रहे हैं, तो बैटरी की State of Health रिपोर्ट जरूर लें. कोशिश करें कि आपकी पहली Electric Car फर्स्ट हैंड ही हो.
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर देखें
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता भी बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए जांच लें कि क्या आप घर पर 7.2 kW का चार्जर लगवा सकते है, या ऑफिस और सोसाइटी में चार्जिंग पॉइंट मौजूद हैं. ये भी देखें कि आपके रूट पर फास्ट DC चार्जर कितने हैं, क्योंकि Tata, MG और Hyundai जैसे ब्रांडों का नेटवर्क काफी अच्छा है. दिल्ली-NCR जैसे शहरों में चार्जिंग स्टेशन काफी बढ़ गए हैं, लेकिन हाईवे यात्राओं के लिए पहले से प्लानिंग जरूरी है.
अपना बजट बनाएं
बजट प्लानिंग करते समय एक्स-शोरूम प्राइस के अलावा रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, होम चार्जर इंस्टॉलेशन (30 से 50 हजार रुपये) और राज्य सरकार की सब्सिडी या FAME इंसेंटिव को जोड़ें. कुछ राज्यों में 1 से 2 लाख तक की छूट मिलती है. EV की रनिंग कॉस्ट सिर्फ 1 से 1.5 रुपये प्रति किलोमीटर होती है (घरेलू बिजली पर), जबकि पेट्रोल कार में 8 से 12 रुपये प्रति किलोमीटर लगते हैं. हालांकि, EV की शुरुआती कीमत ICE कारों से ज्यादा होती है.
फीचर्स और सेफ्टी पर ध्यान दें
फीचर्स और सेफ्टी पर भी फोकस करें, जैसे ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) जिसमें क्रूज कंट्रोल और लेन असिस्ट शामिल हो, फास्ट चार्जिंग सपोर्ट जो 30-40 मिनट में 80 प्रतिशत चार्ज कर दे. साथ ही स्पेस, बूट स्पेस और 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग वाली कार ज्यादा अच्छी है. टेस्ट ड्राइव जरूर लें, क्योंकि EV के क्विक एक्सीलरेशन और शांत ड्राइविंग का अलग ही मजा है.

