Fractal Analytics IPO GMP: भारतीय प्राइमरी मार्केट में इस समय फ्रैक्टल एनालिटिक्स के एनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) को लेकर चर्चा जोर-शोर से चल रही है. कंपनी इस इश्यू के जरिए बाजार से 2,834 करोड़ रुपये जुटाने का प्रयास कर रही है. निवेशकों के लिए कंपनी आईपीओ पर दांव लगाने का आज दूसरा दिन हैं.
हालांकि, शुरुआती दौर में ही निवेशकों का जोश बहुत आक्रामक नहीं दिख रहा हैं. लेकिन निवेशकों की दिलचस्पी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुई है. ग्रे मार्केट में आईपीओ की स्थिति की बात करें तो, यह अभी भी करीब 1 प्रतिशत या 8 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है…..
GMP में मिल रहा है संतुलित लिस्टिंग का संकेत
ग्रे मार्केट से फिलहाल फ्रैक्टल एनालिटिक्स के आईपीओ को लेकर बहुत ज्यादा उत्साह के संकेत देखने को नहीं मिल रहे हैं. 10 फरवरी 2026 को इसका GMP करीब 8 रुपये के आसपास बना हुआ है.
कंपनी की ओर से तय किए गए प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर को आधार मानें, तो इसकी संभावित लिस्टिंग कीमत करीब 908 रुपये के आसपास हो सकती है. जिससे संकेत मिल रहे हैं कि कंपनी इश्यू की लिस्टिंग पर निवेशकों की उम्मीद को झटका लग सकता है, हालांकि संतुलित रिटर्न मिलने की पूरी संभावना बनी हुई है.
फ्रैक्टल एनालिटिक्स IPO को मिल रहा मिला-जुला रिस्पॉन्स
फ्रैक्टल एनालिटिक्स के आईपीओ को निवेशकों से मिला जुला रिस्पॉन्स मिल रहा हैं. बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी इश्यू अब तक कुल मिलाकर करीब 9 फीसदी ही सब्सक्राइब हो सका है. जबकि कंपनी ने 1.85 करोड़ शेयर बाजार में उतारे हैं. हालांकि, रिटेल निवेशक इश्यू में अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं. छोटे निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए हिस्से में करीब 35 फीसदी हिस्सा सब्सक्राइब हो चुका है.
वहीं दूसरी ओर, बड़े निवेशकों की भागीदारी कमजोर बनी हुई है. QIB यानी संस्थागत निवेशकों के लिए रखे गए 97.10 लाख शेयरों पर फिलहाल एक भी बोली नहीं आई है. वहीं, हाई नेटवर्थ निवेशकों यानी NII कैटेगरी में भी सीमित रुचि देखने को मिली है. इस हिस्से में 48.55 लाख रिजर्व शेयरों में से करीब 7 फीसदी ही सब्सक्राइब हो पाया है.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
यह भी पढ़ें: FIIs की तगड़ी एंट्री! 2 अरब डॉलर की खरीदारी से बाजार को मिला सहारा, क्या आगे भी जारी रहेगा यह ट्रेंड?

