उधर बांग्लादेश ने अमेरिका के साथ की ट्रेड डील, इधर भरभराकर गिरे टेक्सटाइल इंडस्ट्री के शेयर; क्या है कनेक्शन?

सतीश कुमार
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Textile Stocks: बांग्लादेश ने 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले अमेरिका के साथ ट्रेड डील कर ली है. इस डील के तहत, बांग्लादेश पर अमेरिकी टैरिफ पहले के 20 परसेंट से घटाकर 19 परसेंट कर दी गई है. दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते के मुताबिक, बांग्लादेश के टेक्टाइल और अपैरल प्रोडक्ट्स पर अमेरिका छूट देगा.

डील में इस बात का भी जिक्र है कि अमेरिकी कपास और मैन मेड फाइबर से बने बांग्लादेशी टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स के आयात को टैरिफ के दायरे से बाहर रखा जा सकता है. जाहिर सी बात है कि इससे अमेरिका के लिए बांग्लादेश के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा. अमेरिका पहले से बांग्लादेश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ा मार्केट है. 

शेयरों में आई बड़ी गिरावट

मंगलवार को शेयर बाजार में कारोबार के दौरान KPR मिल, वर्धमान (Vardhaman), वेलस्पन लिविंग ( Welspun Living) से लेकर ट्राइडेंट (Trident) जैसे कई टेक्सटाइल स्टॉक्स क्रैश हो गए. KPR मिल के शेयरों में 2.85 परसेंट, वर्धमान टेक्सटाइल्स के शेयरों में 4.92 परसेंट, वेलस्पन लिविंग के शेयरों में लगभग 2 परसेंट और ट्राइडेंट के शेयरों में लगभग 3 परसेंट की गिरावट देखी गई. 

निवेशकों को किस बात का डर?

अमेरिका के साथ ट्रेड डील के तहत भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर 18 परसेंट की दर से टैरिफ लगाया जाएगा. जबकि बांग्लादेश को जीरो टैरिफ के साथ विशेष राहत देने की बात कही गई है. ऐसे में निवेशकों को इस बात का डर है कि अमेरिकी बाजारों में बांग्लादेश के टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स से उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा क्योंकि जाहिर सी बात है कि अगर बांग्लादेश अमेरिका कॉटन या फाइबर का इस्तेमाल कर बांग्लादेशी गारमेंट्स का एक्सपोर्ट करता है, तो उसे जीरो टैरिफ की सुविधा मिलेगी, जबकि भारत के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर ऐसी कोई छूट नहीं है. उसे 18 परसेंट की दर से टैरिफ चुकाना होगा. ऐसे में अमेरिकी बाजारों में बांग्लादेश के प्रोडक्ट्स भारतीय उत्पादों के मुकाबले सस्ते हो जाएंगे. इससे वहां भारत के बजाय बांग्लादेशी अपैरल की मांग बढ़ेगी.

निवेशकों को इस बात का भी डर है कि अगर अमेरिकी कॉटन के इस्तेमाल पर बांग्लादेश को जीरो टैरिफ की सुविधा मिलती है, तो बांग्लादेश भारत के बजाय अमेरिका से कॉटन खरीदेगा. इससे भारत में कपास की खेती से जुड़े किसानों और स्पिनिंग मिलों को नुसान होगा. बता दें कि बांग्लादेश भारत से कपास का एक बहुत बड़ा खरीदार है.  

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.