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एक्सीडेंट के बाद इंश्योरेंस क्लेम कैसे करें? मोबाइल से फोटो-वीडियो बनाने के 6 जरूरी नियम

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On June 7, 2026
1 min read 1.2k views
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सड़क पर गाड़ी चलाते समय दुर्घटना होना किसी बुरे सपने जैसा होता है. ऐसी स्थिति में अक्सर लोग घबरा जाते हैं और गाड़ी को हुए नुकसान को देखकर परेशान होने लगते हैं. लेकिन घबराने के बजाय ये वह समय होता है जब आपको समझदारी और ठंडे दिमाग से काम लेना चाहिए. आपकी एक छोटी सी लापरवाही इंश्योरेंस क्लेम मिलने में बड़ी रुकावट बन सकती है, या क्लेम रिजेक्ट भी करा सकती है.

आजकल लगभग सभी इंश्योरेंस कंपनियां डिजिटल क्लेम प्रोसेस का इस्तेमाल करती हैं, जहां आपके द्वारा दिए गए फोटो और वीडियो ही क्लेम पास होने का सबसे बड़ा आधार बनते हैं. अगर आप मौके पर ही सही तरीके से डिजिटल सबूत (Photos & Videos) तैयार कर लेते हैं, तो आपका क्लेम बिना किसी झंझट के तुरंत पास हो जाएगा. आइए जानते हैं कि एक्सीडेंट के बाद मोबाइल से फोटो-वीडियो बनाते समय किन जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए. इंश्योरेंस क्लेम के लिए फोटो और वीडियो बनाने के जरूरी नियम-

1. वाइड एंगल शॉट से शुरू करें (पूरी तस्वीर दिखाएं)

अक्सर लोग सिर्फ उसी हिस्से की फोटो खींचते हैं, जहां डेंट या स्क्रैच आया है. ये सबसे बड़ी गलती है. सबसे पहले गाड़ी से थोड़ा दूर खड़े होकर वाइड-एंगल शॉट लें, जिसमें आपकी गाड़ी, दूसरी गाड़ी (अगर टक्कर हुई है) और आसपास का माहौल साफ नजर आए. इससे इंश्योरेंस सर्वेयर को ये समझने में मदद मिलती है कि एक्सीडेंट असल में किस जगह और किस परिस्थिति में हुआ था.

2. क्लोज-अप शॉट्स (नुकसान की बारीकियां)

वाइड शॉट लेने के बाद, गाड़ी के प्रभावित हिस्से के करीब जाएं. जिस जगह डेंट, स्क्रैच या टूट-फूट हुई है, उसकी क्लोज-अप (नजदीकी) तस्वीरें लें. अलग-अलग एंगल से फोटो खींचें, ताकि नुकसान की गहराई और गंभीरता साफ-साफ दिखाई दें.

3. चारों कोनों की तस्वीरें (360-डिग्री व्यू)

इंश्योरेंस कंपनियां ये सुनिश्चित करना चाहती हैं कि गाड़ी में पहले से कोई पुराना डेंट तो नहीं था. इसलिए अपनी कार के चारों कोनों (Front, Back, Left, Right) की तस्वीरें जरूर लें. भले ही नुकसान सिर्फ आगे के बंपर पर हुआ हो, फिर भी पीछे और साइड्स की फोटो खींचना क्लेम प्रोसेस को पारदर्शी बनाता है.

4. वीडियो बनाते समय ‘पैनिंग’ तकनीक का इस्तेमाल करें

सिर्फ फोटो ही नहीं, एक छोटा और साफ वीडियो क्लेम को बिना किसी शक के पास कराने में मदद करता है. वीडियो रिकॉर्ड करते समय मोबाइल को बहुत तेजी से न घुमाएं. धीरे-धीरे कैमरे को घुमाते हुए (Panning) पूरी लोकेशन और कार का चक्कर लगाते हुए वीडियो बनाएं. वीडियो में गाड़ी का नंबर प्लेट और डेंट वाला हिस्सा एक ही फ्रेम में लगातार दिखना चाहिए, ताकि ये साबित हो सके कि वीडियो उसी गाड़ी का है.

5. नंबर प्लेट और लैंडमार्क को शामिल करें

फोटो और वीडियो में आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट साफ दिखनी चाहिए. अगर संभव हो, तो बैकग्राउंड में कोई मील का पत्थर (Milestone), साइनबोर्ड, दुकान या सड़क का नाम कैप्चर करें. इससे एक्सीडेंट की लोकेशन को वेरिफाई करना आसान हो जाता है.

6. रोशनी का खास ख्याल रखें

अगर एक्सीडेंट रात के समय हुआ है, तो मोबाइल की फ्लैशलाइट का इस्तेमाल करें या गाड़ी की हेडलाइट/स्ट्रीट लाइट की रोशनी में फोटो लें. धुंधली या अंधेरे वाली तस्वीरों को इंश्योरेंस कंपनियां संदिग्ध मानकर क्लेम रोक सकती हैं.

जरूरी सलाह: एक्सीडेंट के तुरंत बाद गाड़ी को मौके से तब तक न हटाएं जब तक आप फोटो और वीडियो न ले लें (यदि ट्रैफिक जाम न हो रहा हो). गाड़ी को गैरेज भेजने से पहले इंश्योरेंस कंपनी के ऐप पर या कस्टमर केयर पर इन सबूतों के साथ तुरंत क्लेम रजिस्टर कर दें. साथ में जरूरत पड़े, तो FIR भी दर्ज कराएं.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।