ITR Fake Message: जब आप आईटीआर (ITR) फाइल करते हैं, तो रिफंड आने तक का इंतजार कई बार लंबा हो जाता है. ऐसे में अगर अचानक मोबाइल पर कोई मैसेज आए कि “आपका रिफंड रुका हुआ है, तुरंत यह काम करें”, तो घबराहट होना स्वाभाविक है. लेकिन यही घबराहट साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार बन रही है. पिछले कुछ समय से रिफंड में देरी को लेकर चर्चा हो रही है और कई टैक्सपेयर्स ने ऑनलाइन शिकायतें भी दर्ज कराई हैं.
रिफंड में देरी क्यों होती है?
सरकार और Income Tax Department की ओर से स्पष्ट किया गया है कि रिफंड तभी जारी किया जाता है जब पूरी तरह से वैरिफिकेशन और डेटा मैचिंग हो जाती है. यदि किसी प्रकार की अनियमितता या डेटा में अंतर पाया जाता है, तो प्रक्रिया लंबी हो सकती है. अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर मामलों में रिफंड कुछ हफ्तों में प्रोसेस हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में अतिरिक्त जांच की जरूरत पड़ती है. यही अनिश्चितता ठगों को फर्जीवाड़ा करने का मौका देती है.
कैसे हो रहा है फर्जीवाड़ा?
साइबर अपराधी फर्जी SMS, ई-मेल और फोन कॉल के जरिए यह दावा करते हैं कि आपका रिफंड लंबित है. इन संदेशों में एक संदिग्ध लिंक दिया जाता है और चेतावनी दी जाती है कि तुरंत कार्रवाई नहीं की तो पेनल्टी लग सकती है. हाल ही में एक मामले में टैक्सपेयर ने ऐसे ही एक लिंक पर क्लिक कर अपनी निजी जानकारी साझा कर दी, जिसके बाद उसे करीब 1.5 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.
विभाग की चेतावनी इस घटना के बाद आयकर विभाग ने ताजा अलर्ट जारी कर लोगों को आगाह किया है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी बैंकिंग या पर्सनल डिटेल्स साझा करें.
कैसे रहें सुरक्षित?
- केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही लॉगिन करें.
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें.
- रिफंड स्टेटस केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जांचें.
- पैनिक में कोई फैसला न लें.
- संदिग्ध मैसेज की रिपोर्ट आयकर विभाग को करें.
याद रखें, आयकर विभाग कभी भी SMS या ई-मेल के जरिए आपकी गोपनीय जानकारी या बैंक डिटेल्स नहीं मांगता. सतर्क रहें, सुरक्षित रहें.

