Dividend Stock: शेयर बाजार में अकसर ऐसी कंपनियों में निवेश फायदा करा जाता है, जो हर साल डिविडेंड देती है. ऐसी ही एक कंपनी है कोल इंडिया लिमिटेड (CIL). कोयले की खनन से जुड़ी इस सरकारी कंपनी ने बीते गुरुवार को 31 दिसंबर, 2025 को खत्म हुई तिमाही के अपने नतीजे का ऐलान किया. साथ ही अपने शेयरहोल्डर्स के लिए तीसरे फाइनल डिविडेंड की भी घोषणा कर दी.
महारत्न PSU के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए निवेशकों के लिए हर शेयर पर 5.50 रुपये के डिविडेंड का ऐलान किया है.
कब तय किया गया है रिकॉर्ड डेट?
CIL ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, ”बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने आज हुई अपनी मीटिंग में कई दूसरी बातों के साथ-साथ कारोबारी साल 2025-26 के लिए 10 रुपये की फेस वैल्यू पर 5.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर पर तीसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है, जैसा कि CIL की ऑडिट कमिटी ने आज हुई अपनी मीटिंग में सिफारिश की थी.”
इससे पहले जुलाई और फिर अक्टूबर में क्रमशः 5.50 रुपये और 10.25 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया जा चुका है. कंपनी ने 18 फरवरी, 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि किन शेयरधारकों को फाइनल डिविडेंड पर मुनाफा कमाने का ममिलेगा. कंपनी के अनुसार, डिविडेंड की घोषणा के 30 दिनों के भीतर योग्य शेयरधारकों को भुगतान कर दिया जाएगा. कंपनी के अनुसार, डिविडेंड की घोषणा के 30 दिनों के भीतर योग्य शेयरधारकों को भुगतान कर दिया जाएगा.
Q3 FY26 में कैसा रहा नतीजा?
दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में कोल इंडिया के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 15.8 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई. इसी के साथ कंपनी का मुनाफा 7,157.45 करोड़ रुपये दर्ज हुआ. कंपनी को यह नुकसान बिक्री में आई गिरावट और खर्च बढ़ने के चलते हुआ.
कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू Q3 FY26 में पिछले साल की समान तिमाही के 32,359 करोड़ रुपयेसे 7.9 परसेंट बढ़कर 34,924 करोड़ रुपये हो गया. इस दौरान सालाना आधार पर EBITDA में 19.4 परसेंट की बढ़त दर्ज की गई और यह 9,331 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में यह 7,817 करोड़ रुपये था.
अक्टूबर-दिसंबर 2025 की अवधि में EBITDA मार्जिन साल-दर-साल 256 bps बढ़कर 26.7 परसेंट हो गया, जबकि पिछले साल इसी समय यह 24.2 परसेंट था. पिछले साल दिसंबर तिमाही में कोल इंडिया का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 8,505.57 करोड़ रुपये बताया था.
बिक्री घटी, खर्च बढ़ा
देश के कोयला उत्पादन में 80 परसेंट की हिस्सेदारी रखने वाली कंपनी कोल इंडिया की बिक्री पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 32,358.98 करोड़ रुपये से घटकर इस बार 30,818.17 करोड़ रुपये रह गई. इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड खर्च बढ़कर 28,132 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 27,280 करोड़ रुपये था.
चालू वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में कंपनी ने 529.19 मिलियन टन (MT) का उत्पादन किया, जो पिछले वित्त वर्ष के अप्रैल-दिसंबर पीरियड में किए गए 543.36 MT से कम है. FY26 के अप्रैल-दिसंबर पीरियड में CIL का कोयला ऑफटेक 545.74 MT था, जो पिछले साल इसी पीरियड में 561.68 MT से कम है.
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