कितने पढ़े-लिखे हैं बांग्लादेश के पीएम पद के दावेदार तारिक रहमान? यहां से कर चुके हैं पढ़ाई

सतीश कुमार
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बांग्लादेश के इतिहास में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. पूरे देश में संसदीय चुनाव के लिए मतदान हो रहा है. यह चुनाव तय करेगा कि शेख हसीना के लंबे शासन के बाद अब देश की कमान किसके हाथ में जाएगी. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. कई इलाकों में सेना की तैनाती है और करोड़ों लोग अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं. इलेक्शन में तारिक रहमान ​को प्रधानमंत्री पद ​का सबसे बड़े दावेदार ​माना जा रहा है. 

तारिक रहमान का जन्म 20 नवंबर 1965 को ढाका में हुआ था. वह एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से आते हैं. उनके पिता जियाउर रहमान बांग्लादेश के सातवें राष्ट्रपति रहे थे. उनकी मां खालिदा जिया दो बार देश की प्रधानमंत्री रह चुकी हैं और वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री भी थीं. तारिक रहमान को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी का मजबूत चेहरा माना जाता है. जनवरी 2026 से वह पार्टी के चेयरमैन हैं. इससे पहले भी वह पार्टी में कई अहम पद संभाल चुके हैं.

बचपन और स्कूल की पढ़ाई

तारिक रहमान ने अपनी शुरुआती पढ़ाई ढाका में की. बचपन में उन्होंने बीएएफ शाहीन कॉलेज, ढाका में पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने ढाका रेजिडेंशियल मॉडल कॉलेज से एसएससी की परीक्षा पास की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने आदमजी कैंटोनमेंट कॉलेज से एचएससी किया. स्कूल और कॉलेज के दिनों से ही वह राजनीति में रुचि लेने लगे थे.

ढाका विश्वविद्यालय से जुड़ा नाम

उच्च शिक्षा के लिए तारिक रहमान ने ढाका विश्वविद्यालय में दाखिला लिया. पहले उन्होंने कानून विभाग में प्रवेश लिया, बाद में अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग में पढ़ाई की. ढाका विश्वविद्यालय देश का प्रमुख शिक्षण संस्थान माना जाता है. यहां पढ़ाई के दौरान ही उनका राजनीतिक रुझान और मजबूत हुआ. हालांकि उनकी पढ़ाई से ज्यादा चर्चा उनके राजनीतिक जीवन की रही है. फिर भी उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि ने उन्हें राजनीति की समझ दी.

राजनीति में शुरुआती कदम

तारिक रहमान ने साल 1988 में बीएनपी के प्राथमिक सदस्य के रूप में राजनीति की शुरुआत की. 1991 के चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी के लिए सक्रिय भूमिका निभाई. उस समय देश में सैन्य शासन से लोकतांत्रिक सरकार की ओर बदलाव हो रहा था. उन्होंने अपनी मां खालिदा जिया के चुनाव अभियान को संभालने में अहम भूमिका निभाई. वह पार्टी की राष्ट्रीय अभियान रणनीति समिति के सदस्य भी रहे.

निर्वासन और विवाद

साल 2008 के आम चुनाव में बीएनपी को हार का सामना करना पड़ा और अवामी लीग की सरकार बनी. इसके बाद तारिक रहमान लंदन चले गए. उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा को खतरा है और उन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है.

2018 में उन्हें 2004 के ढाका ग्रेनेड हमले के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई. इस फैसले के बाद वह और भी विवादों में रहे. उनके विरोधी उन पर भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप लगाते रहे हैं.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.