Chinnu Pappu alias Reshma ! सोशल मीडिया पर जहां हर दिन नई रील्स, हंसी और हल्की-फुल्की जिंदगी की झलक देखने को मिलती है, वहीं कभी-कभी एक खबर पूरे डिजिटल संसार को सन्न कर देती है. केरल के कासरगोड जिले से आने वाली सोशल मीडिया क्रिएटर चिन्नू पप्पू की अचानक मौत ने ऐसा ही असर छोड़ा है. जिन वीडियोज में गांव की सादगी, लोकल खाना और रोजमर्रा की जिंदगी की शांति दिखती थी, उसी चेहरे के अचानक चले जाने की खबर ने लोगों को झकझोर दिया है.
कौन थीं चिन्नू पप्पू, सोशल मीडिया पर बनी पहचान
चिन्नू पप्पू, जिनका असली नाम रेश्मा था, केरल के कासरगोड जिले के अधूर गांव से ताल्लुक रखती थीं. 24 साल की उम्र में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक अलग पहचान बनाई थी. गांव के माहौल, लोकल संस्कृति और साधारण बातचीत को अपने कैमरे में उतारकर उन्होंने हजारों लोगों से जुड़ाव बनाया. इंस्टाग्राम पर उनके 2 लाख 6 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स थे, जो उन्हें इलाके की जानी-पहचानी डिजिटल क्रिएटर बनाते थे.
किराए के मकान में मिली मृत, इलाके में मचा हड़कंप
सोमवार दोपहर रेश्मा कासरगोड के पास उलियाथडका इलाके में अपने किराए के घर में मृत पाई गईं. पड़ोसियों को दोपहर के समय कुछ असामान्य लगा, जिसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों को जानकारी दी. रेश्मा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने दोपहर करीब 2 बजे उनके माता-पिता को सूचना दी.
हाल ही में हुआ था तलाक,निजी जिंदगी में चल रही थी उथल-पुथल
परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक रेश्मा ने प्रेम विवाह किया था, लेकिन यह रिश्ता उनकी मौत से सिर्फ एक महीने पहले ही टूट गया था. तलाक की प्रक्रिया हाल ही में पूरी हुई थी, जिसका असर उनकी निजी जिंदगी पर साफ देखा जा रहा था. रेश्मा का चार साल का एक बच्चा है, जो फिलहाल उनके माता-पिता के साथ अधूर गांव में रह रहा है.
शांत स्वभाव और काम पर फोकस, पड़ोसियों ने क्या बताया
दोस्तों और पड़ोसियों का कहना है कि तलाक के बाद भी रेश्मा अपने काम पर ध्यान दे रही थीं. वह ज्यादा बोलने वाली नहीं थीं और शांत स्वभाव की थीं. सोशल मीडिया के जरिए वह अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही थीं. उनकी मौत की खबर से परिवार के साथ-साथ पूरा इलाका सदमे में है.
ग्रामीण संस्कृति की आवाज थीं चिन्नू पप्पू
सोशल मीडिया पर चिन्नू पप्पू को खास तौर पर ग्रामीण जीवन को सेलिब्रेट करने के लिए जाना जाता था. उनके वीडियो में गांव की दिनचर्या, लोकल सब्जियां, घरेलू खाना, कासरगोड और आसपास के कम चर्चित इलाकों की झलक देखने को मिलती थी. वह अक्सर तुलु भाषा में सहज बातचीत करती नजर आती थीं, जिससे लोग खुद को उनसे जुड़ा महसूस करते थे.
आखिरी पोस्ट ने किया फैंस को भावुक
रेश्मा ने मौत से छह दिन पहले अपना आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट किया था, जो एक स्थानीय हरी सब्जी से जुड़ा वीडियो था. इस रील को करीब 6 हजार लाइक्स मिले थे और कमेंट्स में लोग उनकी सादगी की तारीफ कर रहे थे. किसी को अंदाजा नहीं था कि यही उनका आखिरी पोस्ट होगा. साथी कंटेंट क्रिएटर गोपीकृष्णा समेत कई लोगों ने सोशल मीडिया पर शोक जताया और कहा कि कैमरे पर मुस्कुराने वाली शख्सियत का यूं चले जाना यकीन करना मुश्किल है.

