मध्य प्रदेश में मंगलवार को दसवीं बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन अंग्रेजी के पेपर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. बुरहानपुर जिले में तुकईथड़ स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा शुरू होने से कुछ ही मिनट बाद प्रश्न पत्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इसके बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि इंग्लिश की परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू हुई थी, वहीं आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षक के रूप में तैनात एक टीचर राजकुमारी सोनी ने प्रश्न पत्र की फोटो अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर अपलोड कर दी.
इसके अलावा यह भी बताया जा रहा है कि परीक्षा शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही यह तस्वीर अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने लगी. जांच में सामने आया कि टीचर ने परीक्षा में अनुपस्थित एक छात्र की टेबल पर रखें प्रश्न पत्र की तस्वीर खींची थी. वहीं आरोप है कि प्रश्न पत्र की फोटो एक दूसरे व्यक्ति को भी भेजी गई, ताकि उसे हल कर परीक्षार्थियों को नकल कराई जा सके.
प्रशासन ने की कार्रवाई
इस मामले की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर हर्ष सिंह और अन्य अधिकारी परीक्षा केंद्र पर पहुंचे प्रारंभिक जांच के बाद टीचर को निलंबित कर दिया गया, साथ ही परीक्षा केंद्र अध्यक्ष जितेंद्र कुमार कुलकर्णी और सहायक केंद्राध्यक्ष अनीता दीक्षित को भी लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया. वहीं इंदौर संभाग के आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की. अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा की गोपनीयता से समझौता करने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे. इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार पाटीदार के अनुसार टीचर के खिलाफ मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दूसरे संलिप्त लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.
क्या दोबारा होगा इंग्लिश एग्जाम?
पेपर लीक को लेकर जिला प्रशासन का दावा है कि प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ है. अधिकारियों के अनुसार परीक्षा केंद्र में 109 छात्र-छात्राओं को सुबह 8:40 बजे से पहले ही प्रवेश दे दिया गया था और प्रश्न पत्र निर्धारित समय पर वितरित किया गया. टीचर ने परीक्षा शुरू होने के बाद करीब 9 बजकर 6 मिनट पर फोटो स्टेटस पर डाली थी. इसलिए इसे औपचारिक रूप से लीक नहीं माना जाएगा. वहीं अब तक प्रशासन की ओर से दोबारा परीक्षा कराई जाने की घोषणा नहीं की गई है. अधिकारियों का कहना है की परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हुई और पेपर लीक होने की स्थिति नहीं बनी.
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