खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव से कम हो सकती है किचन के चूल्हे की लॉ, LNG सप्लाई पर मंडराया संकट

aditisingh
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Middle East Tensions: खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आपके रसोईघर तक पहुंच सकता है. दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक Strait of Hormuz में बाधा आने की आशंका से वैश्विक गैस बाजार में हलचल बढ़ गई है. इस समुद्री मार्ग से एलएनजी शिपमेंट प्रभावित होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों पर दबाव बन रहा है, जिससे आने वाले समय में एलएनजी महंगी हो सकती है.

एलएनजी पर संकट?

एलएनजी घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाली पीएनजी और वाहनों में उपयोग होने वाली सीएनजी के लिए बेहद अहम है. ऐसे में यदि एलएनजी की सप्लाई बाधित होती है तो इसका सीधा असर इन ईंधनों की कीमतों पर पड़ सकता है. Strait of Hormuz से रोजाना करीब 2 करोड़ बैरल कच्चे तेल की सप्लाई होती है, जबकि दुनिया के कुल एलएनजी व्यापार का 20 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है. इसलिए इस संकरे समुद्री रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक ऊर्जा बाजार को बड़ा झटका दे सकती है.

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ना तय माना जा रहा है. Kotak Securities के फंडामेंटल रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट सुमित पोखरना का कहना है कि एक तरफ अमेरिका और इजरायल हैं, तो दूसरी ओर ईरान, जिसके कारण क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है. इस स्थिति में क्षेत्रीय ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है और इससे ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

इस बीच ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है. इससे इस अहम कॉरिडोर के जरिए ऊर्जा आपूर्ति रुकने की आशंका और बढ़ गई है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्ग का लंबे समय तक बंद रहना मुश्किल है, लेकिन यदि यह कुछ हफ्तों के लिए भी प्रभावित होता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा असर देखने को मिल सकता है.

जहां तक भारत पर असर की बात है, तो देश को मिलने वाले करीब 50 से 55 प्रतिशत कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है. ऐसे में अगर यह ट्रांजिट रूट लंबे समय तक बाधित रहता है, तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है. भारत एलएनजी के लिए काफी हद तक खाड़ी देशों पर निर्भर है. S&P Global के आंकड़ों के मुताबिक कतर और यूएई से भारत को कुल एलएनजी आपूर्ति का लगभग 59 प्रतिशत हिस्सा मिलता है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.