ग्लोबल रेट और भारतीय ETF में अंतर खत्म करने की तैयारी, सेबी Gold-Silver ईटीएफ नियमों में कर सकती है बदलाव

सतीश कुमार
5 Min Read


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

SEBI Gold-Silver ETF Rule Change: सोने-चांदी जैसे बहुमूल्य धातुओं में निवेश का तरीका बदल रहा है. अब बड़ी संख्या में निवेशक भौतिक सोना-चांदी खरीदने के बजाय ईटीएफ (ETF) के जरिए इनमें पैसा लगा रहे हैं. लेकिन समस्या तब खड़ी होती है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के रेट कुछ और होते हैं, जबकि भारतीय बाजार में इन ETF की कीमतें अलग स्तर पर चलती दिखती हैं.

इस अंतर की वजह से निवेशकों को कई बार सही कीमत पर सौदा करने में दिक्कत आती है. जिससे कई बार उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ता है. इस पूरी स्थिति को देखते हुए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने नियमों में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है. आइए जानते हैं, इस बारे में….

ग्लोबल बाजार और भारतीय ETF के बीच तालमेल की चुनौती

वैश्विक बाजार में सोने-चांदी में लगभग 24 घंटे कारोबार होता रहता हैं. कीमतों में कभी भी तेजी से बदलाव हो सकता है. लेकिन भारत में गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ केवल बाजार के मार्केट आवर्स में ही ट्रेड करते हैं. जिससे समस्या पैदा होने की उम्मीद बनी रहती है.

उदाहरण के लिए किसी बड़ी घटना के कारण आधी रात को सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी उछाल या बड़ी गिरावट आती है तो, वैश्विक बाजार में तो कीमतें बदल जाती है पर भारत में ईटीएफ में कारोबार उस वक्त नहीं हो रहा होता है. जिससे कीमतों में अंतर आ जाता है.

साथ ही देश में मौजूद नियमों के चलते, ईटीएफ की कीमतों में फिक्स्ड प्राइस बैंड लगा होता है. जिसका मतलब होता है कि, कीमत एक दिन के कारोबार में निश्चित सीमा से ऊपर या नीचे नहीं जा सकती है. वहीं, वैश्विक बाजार में  जब अचानक तेज हलचल होती है, तो भारतीय ETF इस बदलाव को पूरी तरह समायोजित नहीं कर पाते. उनकी ट्रेडिंग कीमत व वास्तविक वैल्यू (NAV) के बीच बड़ा फासला बन जाता है. सेबी का मानना है कि यह नियम पूराना हो गया है और अभी पूरी तरह से फिट नहीं बैठ रहा है. इन नियमों में बदलाव की आवश्यकता है. 

बाजार की चाल के साथ बदलेगा प्राइस बैंड सिस्टम

अब तक लागू फिक्स्ड प्राइस बैंड की जगह नया ‘डायनामिक प्राइस बैंड’ लाने की तैयारी है. सेबी बोर्ड ने 14 फरवरी 2026 को जारी अपने कंसल्टेशन पेपर में सुझाव दिया है कि सिस्टम ऐसा हो जो बाजार की तेजी- मंदी के अनुसार खुद को ढाल सके.

प्रस्ताव के अनुसार शुरुआत में प्राइस बैंड ±6% रहेगा, लेकिन यदि सोने की कीमतों में अचानक तेज उछाल आता है तो इसे चरणबद्ध तरीके से 3% तक और बढ़ाया जा सकेगा.

हर बार बदलाव के बाद बाजार को संतुलित होने का मौका देने के लिए 15 मिनट का कूलिंग-ऑफ पीरियड दिया जाएगा. एक दिन में अधिकतम दो बार ऐसा किया जाएगा. साथ ही कुल सीमा ±20% तक जा सकती है. इससे स्क्रीन पर दिखने वाली ETF की कीमत उसकी वास्तविक वैल्यू के काफी करीब रहने की संभावना बढ़ जाएगी.

ओपनिंग से पहले ही कीमतों का संतुलन

सेबी बोर्ड ने गोल्ड और सिल्वर ETF के लिए ‘प्री-ओपन सेशन’ शुरू करने का सुझाव दिया है. शेयर बाजार की तरह बाजार खुलने से पहले एक छोटा सत्र रखा जाएगा, ताकि रातभर विदेशी बाजारों में हुए बदलावों को पहले ही समायोजित किया जा सके. इससे सुबह कीमतों में आने वाले बड़े गैप को कम करने और निवेशकों को संतुलित शुरुआत देने में मदद मिलेगी.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

यह भी पढ़ें: क्या AI की वजह से आईटी सेक्टर में हुई इतनी बड़ी छंटनी? स्टडी में हो गया बड़ा खुलासा



Source link

Share This Article
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.