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क्या आप इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं लेकिन चार्जिंग को लेकर परेशान हैं? अब घर पर ही कम खर्च में EV चार्जर लगवाना आसान हो गया है. सरकार की सब्सिडी योजनाएं, PM E-DRIVE स्कीम और कंपनियों के इंस्टॉलेशन ऑफर्स आपकी लागत काफी कम कर सकते हैं. जानिए घर पर EV चार्जर लगाने की पूरी प्रक्रिया, खर्च, जरूरी दस्तावेज और वो फायदे जो हर महीने आपके हजारों रुपये बचा सकते हैं.
EV Charger घर पर लगाने की प्रोसेस जान लीजिए.
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती पॉपुलरिटी के साथ पेट्रोल पंप की लंबी कतारों और महंगे ईंधन से मुक्ति मिल गई है. अब EV मालिक घर की पार्किंग में ही आसानी से चार्जिंग सुविधा लगा सकते हैं. सरकार की सब्सिडी योजनाओं के तहत कम खर्च में घरेलू EV चार्जर इंस्टॉल करवाना संभव हो गया है. इससे न सिर्फ समय की बचत होती है बल्कि प्रति किलोमीटर चलने का खर्च पेट्रोल-डीजल से कई गुना कम हो जाता है.
PM E-DRIVE जैसी स्कीम और राज्य सरकारों की पहल से EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिल रहा है. एक्सपर्ट का कहना है कि घरेलू चार्जर से EV की बैटरी लाइफ बढ़ती है और रेंज एंग्जायटी खत्म होती है. इस आर्टिकल में जानिए कैसे कम लागत में घर पर EV चार्जर लगवाएं और सब्सिडी का लाभ उठाएं. आइए, पूरी प्रोसेस समझते हैं.
EV चार्जर क्या है और घर पर क्यों जरूरी है?
EV चार्जर दो प्रकार के होते हैं- AC (स्लो चार्जर) और DC (फास्ट चार्जर). घरेलू उपयोग के लिए AC वॉल बॉक्स चार्जर सबसे उपयुक्त है, जो 7-22 kW पावर पर काम करता है. एक सामान्य इलेक्ट्रिक कार को रात भर में फुल चार्ज करने के लिए ये पर्याप्त है. पेट्रोल पंप या पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर निर्भर रहने की बजाय घर पर चार्जिंग से सुविधा बढ़ती है. ये पर्यावरण अनुकूल भी है, क्योंकि कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता कम करने वाली EV को घरेलू सौर ऊर्जा से चार्ज किया जा सकता है.
घरेलू इंस्टॉलेशन की लागत और प्रक्रिया
घर पर EV चार्जर लगवाने की कुल लागत ₹35,000 से ₹1.5 लाख तक हो सकती है, जिसमें चार्जर यूनिट, केबलिंग, ब्रेकर और इंस्टॉलेशन शामिल है. कई EV कंपनियां (जैसे Tata, MG) खरीद के साथ फ्री या सब्सिडाइज्ड इंस्टॉलेशन ऑफर करती हैं. प्रक्रिया सरल है. पहले डिस्कॉम (बिजली विभाग) से लोड बढ़ाने की मंजूरी लें, फिर प्रमाणित इंस्टॉलर से साइट सर्वे करवाएं. इंस्टॉलेशन में 1-2 दिन लगते हैं. सुरक्षित अर्थिंग और डेडिकेटेड मीटर जरूरी हैं. 15 मीटर तक केबलिंग अक्सर फ्री दी जाती है.
सरकारी सब्सिडी का लाभ कैसे उठाएं?
केंद्र सरकार की PM E-DRIVE योजना और FAME-II के तहत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर सब्सिडी उपलब्ध है. दिल्ली जैसे राज्यों में घरेलू/अपार्टमेंट चार्जिंग पॉइंट पर ₹6,000 तक 100% सब्सिडी मिल सकती है. कई राज्यों में 30-80% तक छूट, कम बिजली टैरिफ और लोन सुविधाएं हैं. आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर करें. चार्जर इंस्टॉल करने के बाद सब्सिडी क्लेम करें. MP, कर्नाटक, महाराष्ट्र आदि राज्यों में अतिरिक्त इंसेंटिव हैं. इससे प्रभावी लागत और कम हो जाती है.
लाभ और भविष्य की संभावनाएं
घरेलू चार्जिंग से मासिक ईंधन खर्च ₹1,000-2,000 तक बच सकता है. EV की बैटरी 8-10 साल चलती है और मेंटेनेंस कम है. सरकार का लक्ष्य 2030 तक बड़े पैमाने पर EV अपनाना है, इसलिए चार्जिंग नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है. सौर पैनल के साथ जोड़कर बिजली बिल जीरो किया जा सकता है.
सावधानियां और सुझाव
सर्टिफाइड (BIS/IS17017) चार्जर ही खरीदें. ओवरलोड से बचने के लिए प्रोफेशनल मदद लें. RWA या सोसाइटी में सामुदायिक चार्जर भी लगवाने का विकल्प है. EV खरीदने से पहले डीलर से इंस्टॉलेशन पैकेज पूछें. EV चार्जर घर पर लगाकर आप न सिर्फ सुविधा पाएं, बल्कि ग्रीन फ्यूचर में योगदान दें. अधिक जानकारी के लिए PM E-DRIVE पोर्टल या स्थानीय डिस्कॉम चेक करें.
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न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें