जंग में छूट रहा साथ… करोड़ों के स्टॉक्स बेच भारतीय शेयर बाजार से चलते बने विदेशी निवेशक, बढ़ रही बिकवाली

aditisingh
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Share Market: ईरान और इजरायल के बीच जंग और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से दूरी बना रहे हैं. प्रोविजनल एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी निवेशक (FIIs/FPIs) ने बीते 6 मार्च को 6030 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे. हालांकि, गनीमत यह रही कि इस दौरान घरेलू निवेशकों (DIIs) ने लगभग 6972 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया.

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को ट्रेडिंग सेशन के दौरान FIIs ने 14435 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, लेकिन 20465 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए. इस बीच, DIIs ने कुल 19662 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 12691 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. इस साल अब तक विदेशी निवेशकों ने 60364 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जबकि DIIs ने 1,28,348 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं.

दबाव में शेयर बाजार 

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सप्लाई की चिंताओं के कारण तेल की कीमतें लगभग 23 महीने के हाई लेवल पर पहुंच गई हैं. महंगाई को लेकर भी डर बना हुआ है. इन्हीं चिंताओं ने 6 मार्च को मार्केट में पिछले दिन की सारी बढ़त पलट दी. इसके चलते बेंचमार्क इंडेक्स पूरे सेशन में दबाव में रहे.

निफ्टी 50 इंडेक्स 315 अंक (1.27 परसेंट) गिरकर 24450 पर आ गया और BSE सेंसेक्स 1097 अंक (1.37 परसेंट) गिरकर 78919 पर आ गया. इस दौरान IT को छोड़कर सभी सेक्टर में बिकवाली देखी गई. हालांकि, ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया क्योंकि निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में क्रमशः 0.69 परसेंट और 0.24 परसेंट की गिरावट आई.

शेयर बाजार के लिए यह भी एक चुनौती

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, “तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर पड़ सकता है और भारत के दोहरे घाटे, महंगाई की दिशा और RBI के मॉनेटरी रुख पर बुरा असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि US 10 साल के बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और मजबूत डॉलर ने FIIs को घरेलू शेयरों के रिस्क से दूर रहने का नजरिया अपनाने के लिए प्रेरित किया है. 

दरअसल, जब अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो विदेशी निवेशकों को वहां बिना किसी जोखिम के बेहतर रिटर्न मिलने लगता है. ऐसे में ये भारतीय शेयर बाजार जैसे रिस्की एसेट्स से पैसे निकालकर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगाना बेहतर समझते हैं. यही वजह है कि  US 10 साल के बॉन्ड यील्ड में उछाल और मजबूत डॉलर इंडेक्स भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है. 

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.