जामिया में उर्दू सीखने का मौका, एक साल के कोर्स के लिए आवेदन शुरू; जानें डिटेल्स

सतीश कुमार
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जामिया मिलिया इस्लामिया के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (CDOE) ने उर्दू भाषा के एक साल के कोर्स के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. यह कोर्स उन लोगों के लिए खास है, जो घर बैठे उर्दू भाषा सीखना चाहते हैं. इस कोर्स की खास बात यह है कि इसमें पढ़ाई डिस्टेंस मोड से कराई जाएगी, जिससे देश और विदेश के छात्र इसका लाभ उठा सकते हैं.

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस उर्दू भाषा कोर्स में दाखिले पूरे साल खुले रहेंगे. यानी इच्छुक उम्मीदवार किसी तय तारीख की बाध्यता के बिना आवेदन कर सकते हैं. जो लोग कामकाज के साथ पढ़ाई करना चाहते हैं या फिर उर्दू सीखने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा अवसर माना जा रहा है.

हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई

इस कोर्स की एक और खास बात यह है कि छात्र हिंदी या अंग्रेजी, किसी भी माध्यम से पढ़ाई कर सकते हैं. इससे उन छात्रों को भी सुविधा मिलेगी, जिन्हें उर्दू की शुरुआती जानकारी नहीं है. आसान तरीके से भाषा सिखाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि छात्र उर्दू पढ़ना, लिखना और समझना सीख सकें.

कहां से मिलेगा आवेदन फॉर्म

उर्दू भाषा कोर्स के लिए आवेदन फॉर्म और पूरा विवरण जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन के उर्दू कॉरेस्पोंडेंस कोर्स कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है. इसके लिए इच्छुक उम्मीदवारों को एक स्वयं का पता लिखा हुआ लिफाफा भेजना होगा, जिस पर 10 रुपये का डाक टिकट लगा होना चाहिए. यह लिफाफा मानद निदेशक, उर्दू कॉरेस्पोंडेंस कोर्स, सीडीओई, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली-110025 के पते पर भेजना होगा.

वेबसाइट से भी कर सकते हैं डाउनलोड

जो छात्र डाक के माध्यम से फॉर्म नहीं मंगाना चाहते, वे जामिया मिल्लिया इस्लामिया की आधिकारिक वेबसाइट से भी आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं. वेबसाइट पर उपलब्ध फॉर्म को भरकर तय प्रक्रिया के अनुसार जमा किया जा सकता है. इससे छात्रों को समय और मेहनत दोनों की बचत होगी.

कोर्स की फीस कितनी है

अगर फीस की बात करें, तो यह कोर्स काफी किफायती है. भारत में रहने वाले छात्रों के लिए नामांकन शुल्क 500 रुपये रखा गया है. सार्क देशों के छात्रों के लिए यह शुल्क 20 अमेरिकी डॉलर तय किया गया है. वहीं, अन्य देशों से आवेदन करने वाले छात्रों के लिए शुल्क 50 अमेरिकी डॉलर रखा गया है. अच्छी बात यह है कि इस कोर्स में कोई ट्यूशन फीस नहीं ली जाएगी.

कम खर्च में भाषा सीखने का अवसर

आज के समय में भाषा सीखने के लिए लोग भारी फीस चुकाते हैं, लेकिन जामिया का यह उर्दू कोर्स कम खर्च में बेहतर मौका देता है. नामांकन शुल्क के अलावा छात्रों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा. यही कारण है कि यह कोर्स छात्रों के साथ-साथ नौकरीपेशा लोगों के बीच भी लोकप्रिय हो रहा है.

उर्दू सीखने से मिलेंगे नए मौके

उर्दू भाषा सीखने से छात्रों के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं. मीडिया, शिक्षा, अनुवाद, लेखन और शोध जैसे क्षेत्रों में उर्दू जानने वालों की मांग बनी रहती है. इसके अलावा उर्दू साहित्य और संस्कृति को समझने में भी यह भाषा मददगार साबित होती है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.