झारखंड की सुदीपा ने UPSC में हासिल की 41वीं रैंक, तीसरे प्रयास में रचा दिया इतिहास

aditisingh
4 Min Read


झारखंड के दुमका जिले की होनहार बेटी सुदीपा दत्ता ने संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की परीक्षा में 41वीं रैंक हासिल कर पूरे जिले का मान बढ़ाया है. उन्होंने साबित कर दिया कि सपनों को अगर सच्ची लगन और मेहनत की उड़ान मिल जाए, तो आसमान भी छोटा पड़ जाता है. झारखंड की उपराजधानी दुमका की LIC कॉलोनी में  एक साधारण से डाककर्मी की बेटी सुदीपा दत्ता ने वो कर दिखाया है, जिसे हासिल करना हर युवा का सबसे बड़ा ख्वाब होता है. चलिए जानते हैं कुमड़ाबाद गांव से लेकर देश की सबसे कठिन परीक्षा पास करने तक का सुदीपा का ये सफर…

दुमका के सदर प्रखंड के छोटे से गांव कुमड़ाबाद की रहने वाली सुदीपा दत्ता ने वो कर दिखाया है, जिसका सपना हर युवा देखता है. पिछले आठ सालों से दुमका के LIC कॉलोनी में रह रहे दत्ता परिवार में आज जश्न का माहौल है. पिता सच्चिदानंद दत्ता डाकघर में असिस्टेंट पोस्टमास्टर हैं और मां पंपा दत्ता एक गृहिणी. दो बहन और एक भाई में सबसे बड़ी सुदीपा ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर यह शानदार उपलब्धि हासिल की है.

तीसरे प्रयास में हासिल किया लक्ष्य

सुदीपा की सफलता रातों-रात नहीं मिली. यह उनका तीसरा प्रयास था. 2022 में ग्रेजुएशन के दौरान पहला प्रयास किया और 2023 में इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन महज कुछ नंबरों से फाइनल लिस्ट से बाहर हो गईं. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. आपको बता दें कि इससे पहले सुदीपा का चयन JPSC के जरिए CDPO पद के लिए भी हुआ था, जिसमें उन्होंने राज्यभर में 24वां रैंक हासिल किया था. वह 1 अप्रैल को ड्यूटी जॉइन करने ही वाली थीं कि उससे पहले UPSC की यह बड़ी खुशखबरी आ गई.

बच्चों पर पढ़ाई के लिए जोर डालें मां-बाप: सुदीपा

बांका से प्रारंभिक शिक्षा और दुमका के एएन कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक करने वाली सुदीपा ने साबित कर दिया है कि कामयाबी संसाधनों की नहीं, बल्कि हौसलों की मोहताज होती है. सुदीपा की यह सफलता आज दुमका के हर युवा के लिए एक नई प्रेरणा बन गई है. बच्ची की सफलता से सुदीपा मां पम्पा दत्ता और पिता सच्चिदानंद दत्ता अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. वह कहते है कि आज हमारी मेहनत सफल हुई. उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का पल है ही इसके अलावा इस जिले और इस राज्य के लिये गर्व का पल है. उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, उन्होंने माता पिता को अपने बच्चों को जीवन मे कुछ बनाने के लिये पढ़ाई करने पर जोर डालने के लिए कहा. 

यह भी पढ़ें: पिता के दिल में छेद और मां बीमार, पढ़ाई के लिए ब्याज पर लिया पैसा और लवकेश ने क्लियर कर दिया UPSC

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Share This Article
Follow:
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.