दुनिया भर में चलेगा UPI! इस प्लेटफॉर्म के साथ हाथ मिलाने की तैयारी में सरकार, विदेशों में भी पेमेंट होगा आसान

UPI Alipay: भारत सरकार कथित तौर पर डिजिटल पेमेंट को वैश्विक स्तर पर आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रही है. इस सिलसिले में चीन से जुड़ी लेकिन सिंगापुर में आधारित फिनटेक कंपनी एंट इंटरनेशनल से बातचीत चल रही है ताकि उसके प्लेटफॉर्म Alipay+ को भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI से जोड़ा जा सके. अगर यह योजना साकार होती है तो भारतीय यूजर्स विदेशों में भी UPI के जरिए भुगतान कर सकेंगे.

विदेशी यात्रियों के लिए होगी बड़ी सहूलियत

इस संभावित साझेदारी का सबसे बड़ा फायदा भारतीय पर्यटकों को मिल सकता है. Alipay+ से जुड़े देशों में मौजूद दुकानों और सर्विस प्रोवाइडर्स पर भारतीय यात्री सीधे UPI से पेमेंट कर पाएंगे. इससे न तो विदेशी करेंसी बदलने की झंझट रहेगी और न ही महंगे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन चार्ज का बोझ पड़ेगा.

Alipay+ का विशाल वैश्विक नेटवर्क

कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, Alipay+ दुनिया भर में करीब 1.8 अरब यूजर अकाउंट्स और 15 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट्स को जोड़ता है. इसका नेटवर्क एशिया से लेकर यूरोप, मिडिल ईस्ट और लैटिन अमेरिका तक फैला हुआ है. ऐसे में UPI को इससे जोड़ना भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को ग्लोबल पहचान दिला सकता है.

भारत में UPI की ताकत

देश के भीतर UPI पहले ही डिजिटल भुगतान की रीढ़ बन चुका है. रिउटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हर महीने इसके जरिए लगभग 18 अरब लेनदेन किए जा रहे हैं. सरकार और रिजर्व बैंक लंबे समय से चाहते हैं कि UPI का इस्तेमाल सीमाओं के बाहर भी बढ़े ताकि भारतीय यात्री और प्रवासी भारतीय रुपये में ही भुगतान कर सकें और क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन आसान हो. सुरक्षा और भू-राजनीतिक चिंताएं

चीन के साथ रिश्तों में नरमी के संकेत

पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के रिश्तों में आई तल्खी के चलते पूंजी, तकनीक और टैलेंट का आदान-प्रदान धीमा पड़ा था. कई बड़े निवेश प्रस्ताव भी अटक गए थे. लेकिन बीते साल से दोनों देशों के बीच संबंधों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखने लगे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंबे अंतराल के बाद चीन यात्रा, सीधी उड़ानों की बहाली और वीजा नियमों में ढील इसी दिशा की ओर इशारा करते हैं.

अंतिम फैसला अभी बाकी

फिलहाल यह बातचीत शुरुआती दौर में है और आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है. वित्त मंत्रालय, RBI और NPCI की ओर से भी कोई बयान सामने नहीं आया है. साफ है कि Alipay+ को UPI से जोड़ने का अंतिम निर्णय सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा. अगर हरी झंडी मिलती है तो यह भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है.

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