पत्नी की याद में बना दिया 65 फीट ऊंचा मंदिर, रिटायरमेंट के 65 लाख खर्च कर पति ने पेश की अनोखी मिसाल

सतीश कुमार
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प्यार, समर्पण और त्याग की कहानियां अक्सर किताबों और फिल्मों में सुनने को मिलती हैं, लेकिन बिहार के पूर्वी चंपारण से सामने आई एक सच्ची कहानी ने लोगों को भावुक कर दिया है. वैलेंटाइन डे के मौके पर जब पूरी दुनिया प्यार का इजहार कर रही थी, तब एक साधारण परिवार से जुड़े रिटायर्ड पंचायत सचिव बालकिशुन राम ने अपनी पत्नी के प्रति ऐसा प्रेम दिखाया, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने अपनी दिवंगत पत्नी शारदा देवी की याद में 65 लाख रुपये खर्च कर एक 65 फीट ऊंचा ‘मंदिर’ बनवा दिया और उसमें उनकी प्रतिमा स्थापित की.

रोज सुबह मंदिर जाकर फूल चढ़ाते हैं बालकिशुन राम

पूर्वी चंपारण जिले के चकिया प्रखंड के भुवन छपरा गांव में बने इस मंदिर में बालकिशुन राम रोज सुबह-शाम अपनी पत्नी की प्रतिमा के सामने फूल चढ़ाते हैं और सिंदूर अर्पित करते हैं. वह कहते हैं कि उन्होंने भगवान को कभी नहीं देखा, लेकिन उनके लिए उनकी पत्नी ही भगवान थीं. मंदिर में रोज दीपक जलाया जाता है. शारदा देवी को चाय बहुत पसंद थी, इसलिए उनकी प्रतिमा के सामने रोज एक कप चाय भी रखी जाती है. दोपहर और रात का भोजन भी श्रद्धा के साथ अर्पित किया जाता है.

2022 में हो गई थी पत्नी की मौत

बालकिशुन राम बताते हैं कि शारदा देवी को वर्ष 2007 से हृदय रोग, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी. इलाज चलता रहा, लेकिन 2022 में रिटायरमेंट से छह महीने पहले उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया. पत्नी की मौत से बालकिशुन पूरी तरह टूट गए. उन्होंने अपने पूरे रिटायरमेंट फंड, करीब 65 लाख रुपये, पत्नी की याद को अमर करने में लगा दिए. उनका कहना है कि अगर उनके पास 65 करोड़ रुपये भी होते तो वह भी खर्च कर देते.

पत्नी को याद करते हुए भर आता है पति का दिल, यूजर्स कर रहे तारीफ

अपनी जिंदगी के संघर्ष को याद करते हुए उनकी आवाज भर्रा जाती है. बचपन में पिता के निधन के बाद उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी. उस समय शारदा देवी ने अपने गहने बेच दिए और उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया. वह मजदूरी करती थीं, घर संभालती थीं और हमेशा उनका हौसला बढ़ाती थीं. बालकिशुन कहते हैं कि वह पंचायत सचिव अपनी पत्नी के त्याग और मेहनत की वजह से ही बन पाए. अब सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी तारीफें कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यही है सच्ची मोहब्बत जो मौत के बाद भी जिंदा रहती है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.