पलटा दी किस्मत! टीचर की नौकरी छोड़ महिला बेचने लगी ताबूत, अब सालाना कमाती है 50 करोड़ रुपए

सतीश कुमार
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Coffin Business Success: चीन के शेडोंग प्रांत के शहर हेज़े की रहने वाली 29 साल की लिसा लियू की कहानी इंटरनेट पर लोगों का दिल छू रही है. लिसा लियू समाज के नजरिए को चुनौती देते हुए “अशुभ” माने जाने वाले काम को अपनी सबसे बड़ी मजबूती समझ लिया. कभी वह बच्चों को पढ़ाने वाली साधारण टीचर थी. उनकी जिंदगी सही ढंग से चल रही थी, लेकिन नौकरी का दबाव, सीमित आय और बढ़ती जिम्मेदारियों ने उन्हें कुछ अलग करने पर मजबूर कर दिया.

उसने साल 2023 में अपनी नौकरी छोड़ दी. तब किस्मत ने अपना रुख बदल लिया. इस बीच, उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जिसके बारे में काम करने की तो दूर की बात, लोग सोचकर ही कतराते हैं. उन्होंने ताबूत (कॉफिन) बेचने के कारोबार में कदम रखने का फैसला लिया. शुरुआत में परिवार वाले और रिश्तेदारों ने उनके इस फैसले पर सवाल उठाए. कई लोगों ने इसे अशुभ बताया, लेकिन लिसा लियू ने हार नहीं मानी. 

धीरे-धीरे उन्होंने अपने बिजनेस को नई उड़ान देने के लिए आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाया. बेहतर क्वालिटी, सुंदर डिजाइन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उन्होंने अपने उत्पादों को लोगों तक पहुंचाया. समय के साथ उनका यह अनोखा कारोबार बहुत ही तेजी से आगे बढ़ता गया. आज वही महिला सालाना करीब 50 करोड़ रुपये की कमाई कर रही हैं. 

यूरोप में ताबूतों की है काफी डिमांड 

यूरोप में इन दिनों ताबूत की मांग बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है. शुरुआत में तो लिसा लियू को ताबूत बनाने के काम से डर लगता था. लेकिन जब फैक्ट्री में ताबूत बनाने की प्रक्रिया को देखा तो समझ आया कि यह भी लड़की से बना हुआ एक उत्पाद है. इसके बाद लियू का डर खत्म हो गया और लियू ने इसी काम को अपनी किस्मत मान ली. 

हैजे में तैयार किए जाने वाले ताबूत विशेष रूप से यूरोपीय बाजार में जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं. ये ताबूत वजन में बेहद हल्के होते हैं और उन पर धार्मिक डिज़ाइन भी बनाए जाते हैं. यूरोप में पॉलोनिया नाम की लकड़ी अधिक मात्रा में पाई जाती है, जो हल्की होने के साथ-साथ मजबूत भी होती है, इसलिए ताबूत बनाने में इस लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है. 

यहां पर तैयार किए गए एक ताबूत की कीमत लगभग 90 से 150 डॉलर (लगभग 7,000 से 12,000 रुपये) है, जबकि यही ताबूत यूरोप में 1,100 से 2,100 डॉलर तक में बेचे जाते हैं. कम लागत और अच्छी क्वालिटी होने की वजह से यूरोप में चीन में बने ताबूतों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है.



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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.