How to Convert White Number Plate to Yellow: अगर आपकी गाड़ी घर पर धूल खा रही है, तो उसे बाहर निकालिए और डेली हजारों रुपये छापिए! जी हां, ये सच में संभव है. अपने इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि व्हाइट नंबर प्लेट वाली प्राइवेट कार को कैसे येलो नंबर प्लेट लगवाकर कमर्शियल व्हीकल में बदला जा सकता है. ऐसा होने के बाद आप पार्किंग में बेकार खड़ी कार को Bharat Taxi, Ola, Uber या फिर Rapido में लगाकार अच्छे पैसे कमा सकते हैं.
प्राइवेट कार (व्हाइट प्लेट) को कमर्शियल वाहन (येलो प्लेट) में बदलना उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है, जो अपनी कार को टैक्सी में चलाना चाहते हैं. इंडिया में ये प्रोसेस पूरी तरह से लीगल है और इसे परिवहन विभाग (RTO) के माध्यम से कराया जा सकता है. हालांकि, अगर आप बिना कन्वर्जन के कमर्शियल इस्तेमाल करेंगे, तो गाड़ी जब्त होने के साथ भारी जुर्माना भी हो सकता है. आइए, कन्वर्जन की पूरी प्रोसेस जान लेते हैं.
स्टेप 1: पहले योग्यता जांचें और तैयारी करें
सबसे पहले अपनी कार की लाइफ चेक करें. दिल्ली में आमतौर पर 5-8 साल तक की कार आसानी से कन्वर्ट हो सकती है. अगर कार लोन पर है, तो बैंक से NOC (No Objection Certificate) लें. RC से हाइपोथिकेशन हटवाएं. कार की PUC, इंश्योरेंस और फिटनेस चेक करें. अगर कुछ पुराना है, तो पहले रिन्यू करवाएं.
स्टेप 2: जरूरी दस्तावेज इकट्ठा करें
आपको ये दस्तावेज चाहिए: मूल RC, वैलिड PUC, मौजूदा इंश्योरेंस, एड्रेस प्रूफ (आधार/वोटर आईडी), PAN कार्ड, 4-6 पासपोर्ट साइज फोटो, फॉर्म 20 (क्लास चेंज के लिए), कमर्शियल परमिट फॉर्म, फिटनेस सर्टिफिकेट (नया बन सकता है) और अगर लोन है, तो NOC लेना जरूरी है. आपसे टैक्सी के लिए पार्किंग प्रूफ भी मांगा जा सकता है.
स्टेप 3: ऑनलाइन आवेदन शुरू करें (Parivahan पोर्टल पर)
https://vahan.parivahan.gov.in पर जाएं. VAHAN Citizen Services चुनें. राज्य और अपना RTO चुनें. “Conversion of Vehicle” या “Change of Vehicle Class” ऑप्शन चुनें. कार का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर डालें. मोबाइल से OTP डालकर फॉर्म भरें. सभी दस्तावेज अपलोड करें और शुरुआती फीस ऑनलाइन पे करें. एप्लीकेशन नंबर और प्रिंटआउट लेना बहुत जरूरी है.
स्टेप 4: RTO ऑफिस जाएं और फीस जमा करें
ऑनलाइन आवेदन के बाद लोकल RTO जाएं. फिजिकल डॉक्यूमेंट दिखाएं. रोड टैक्स का अंतर (प्राइवेट से कमर्शियल), परमिट फीस, फिटनेस चार्ज, कन्वर्जन फीस पे करें. कुल खर्च अलग-अलग मॉडल और RTO के हिसाब से ₹20,000 से ₹60,000+ तक हो सकता है.
स्टेप 5: वाहन की जांच और फिटनेस टेस्ट करवाएं
RTO इंस्पेक्टर आपकी कार चेक करेगा. सेफ्टी, एमिशन और कोई बदलाव हुआ, तो दिक्कत हो सकती है. सब ठीक होने पर नया फिटनेस सर्टिफिकेट मिलेगा. अगर कुछ कमी है, तो पहले ठीक करवाएं.
स्टेप 6: कमर्शियल परमिट लें
टैक्सी/कैब के लिए सिटी टैक्सी परमिट, कांट्रैक्ट कैरिज या टूरिस्ट परमिट अप्लाई करें. दिल्ली में City Taxi Scheme फॉलो करें. परमिट फीस ₹2,000-5,000 तक होती है. अप्रूवल के बाद परमिट मिलेगा.
स्टेप 7: RC अपडेट करवाएं और नया नंबर प्लेट लगवाएं
सब अप्रूवल होने पर RC कमर्शियल में बदल जाएगा. नया येलो प्लेट (ब्लैक अक्षर वाला) लगवाएं. पुराना व्हाइट प्लेट हट जाएगा. आरसी बदलने के बाद आप व्हाइट नंबर प्लेट लगाकर गाड़ी नहीं चला सकते हैं.
स्टेप 8: इंश्योरेंस और ड्राइवर लाइसेंस अपडेट करें
कमर्शियल RC मिलने के बाद इंश्योरेंस को कमर्शियल पॉलिसी में बदलें, जिसका प्रीमियम ज्यादा होगा. ड्राइवर का लाइसेंस भी कमर्शियल (CDL) होना चाहिए. Bharat Taxi या Ola/Uber जैसे प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए उनकी गाइडलाइंस फॉलो करें.
ये पूरी प्रक्रिया 15-60 दिनों में हो सकती है. ऊपर बताई गई कन्वर्जन की प्रोसेस दिल्ली-एनसीआर के RTO हिसाब से बताई गई है. आपके यहां पर संभवतः कुछ नियम कम या ज्यादा हो सकते हैं. प्रोसेस शुरू करने से पहले सरकारी वेबसाइट या फिर लोकल RTO से जानकारी जुटा लें.

