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पुणे में सुरक्षा रीलोडेड कॉन्सर्ट में मोर्थ और एनएचएआई का सड़क सुरक्षा अभियान, नितिन गडकरी के नेतृत्व में जागरूकता से आगे बढ़कर आदत बनाने पर जोर, लोग शपथबद्ध हुए.

नागपुर में शानदार और दमदार शुरुआत के बाद ‘सुरक्षा रीलोडेड कॉन्सर्ट’ पुणे पहुंचा. तेजी से विकसित हो रहे इस शहर में अब सही व्यवहार और तकनीक के ताल मेल से सड़क सुरक्षा से जुड़ी संस्कृति को नया रूप देने का महत्वपूर्ण समय है. सड़क सुरक्षा अभियान जो सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा NHAI के साथ मिलकर और श्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में चलाया जा रहा है, इस अभियान का उद्देश्य साफ है—सिर्फ जागरूकता नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को हम सब की हर दिन की आदत बनाना.
18 मार्च 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में कई प्रभावशाली लोगों और रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए संदेश को लोगों तक पहुंचाया गया. शाम की शुरुआत नितीश भारती की शानदार सैंड आर्ट प्रस्तुति से हुई, जिसमें सीट बेल्ट, अनुशासन और सड़क पर सहानुभूति का महत्व दिखाया गया. बिना एक शब्द बोले, इस प्रस्तुति ने लोगों को लोगों को सड़क पर चलते समय उनके व्यवहार पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया.
इसके बाद पुणे के पुलिस आयुक्त डॉ. अमितेश कुमार ने वास्तविक स्थिति पर बात की. उन्होंने नितिन गडकरी और MoRTH के प्रयासों की सराहना की और शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्याओं पर ध्यान दिलाया. उन्होंने ड्रिंक एंड ड्राइव, ट्रिपल राइडिंग और गलत दिशा में गाड़ी चलाने जैसी आम गलतियों को समझाते हुए कहा कि थोड़ी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है.
आगे की योजना बताते हुए उन्होंने कहा कि पुणे जल्द ही 100% इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम वाला पहला शहर बनने जा रहा है, जहां 550 चौराहों को स्मार्ट सिग्नल में बदला जाएगा. यह सुरक्षित और बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है.
इसके बाद प्रतिध्वनि आर्ट स्टूडियो और रोशन के प्रोडक्शन की नुक्कड़ नाटक प्रस्तुति ने रोजमर्रा की परिस्थितियों के जरिए अभियान का संदेश ‘परवाह से कर्तव्य तक’ लोगों तक पहुंचाया. इसकी सादगी ने इसे समझने में आसान और प्रभावशाली बना दिया.
शिव ठाकरे और अपर्णा तांडले जैसे प्रतिभाशाली लोगों ने भी अपने विचार साझा किए और बताया कि मनोरंजन के जरिए बदलाव कैसे लाया जा सकता है. कार्यक्रम का समापन रागा फ्यूजन बैंड की शानदार प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने माहौल को ऊर्जावान बनाए रखा.
सबसे खास पल वह था जब पूरे दर्शकों ने एक साथ खड़े होकर ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की शपथ ली.
पुणे का ‘सुरक्षा रीलोडेड कॉन्सर्ट’ इसलिए विशेष रूप से यादगार बन गया क्योंकि इसने जागरूकता को संकल्प में बदलने का काम किया. सच यही है कि सुरक्षित सड़कें एक दिन में नहीं बनतीं, बल्कि हर दिन लोगों के सही फैसलों से बनती हैं.
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