Coal India Dividend: डिविडेंड की चाह रखने वाले निवेशकों के लिए आज का दिन काफी खास होने वाला है. दरअसल, कोयले के खनन से जुड़ी सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) आज अपने निवेशकों को डिविडेंड देने जा रही है.
डिविडेंड स्टॉक कोल इंडिया ने कारोबारी साल 2026 के लिए अपने तीसरे फाइनल डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 18 फरवरी, 2026 तय की है. कोल इंडिया ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर 5.50 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है. एलिजिबल शेयरहोल्डर्स को शुक्रवार, 13 मार्च को या उससे पहले डिविडेंड दे दिया जाएगा.
डिविडेंड का लाभ उठाने के लिए इन्वेस्टर्स को यह पक्का करना होगा कि वे रिकॉर्ड डेट से पहले स्टॉक होल्ड करें. कोल इंडिया T+1 सेटलमेंट साइकिल के तहत रिकॉर्ड डेट को या उसके बाद खरीदे गए शेयर डिविडेंड के लिए एलिजिबल नहीं होंगे. इससे पेमेंट पाने के लिए स्टॉक खरीदने की आखिरी तारीख 17 फरवरी हो जाती है. मौजूदा मार्केट प्राइस लगभग 419.20 रुपये प्रति शेयर पर कोल इंडिया लगभग 6.30 परसेंट का डिविडेंड यील्ड देता है. कोल इंडिया एक ऐसी कंपनी है, जिसका समय-समय पर अपने निवेशकों को डिविडेंड देने का इतिहास रहा है.
लगातार डिविडेंड देती रही है कंपनी
कोल इंडिया एक ऐसी कंपनी है, जिसका समय-समय पर अपने निवेशकों को डिविडेंड देने का इतिहास रहा है. इससे पहले, पिछले साल नवंबर में कंपनी ने 10.25 रुपये प्रति शेयर के दूसरे फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया था. इससे पहले, निवेशकों को 5.15 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का लाभ दिया जा चुका है. बीते 12 महीनों में कोल इंडिया ने हर शेयर पर 20.90 रुपये के टोटल इक्विटी डिविडेंड की घोषणा की है.
Trendlyne डेटा के मुताबिक, 18 फरवरी, 2011 से कंपनी ने 33 डिविडेंड अनाउंस किए हैं. दरअसल, कोल इंडिया अपने तिमाही और सालाना प्रॉफिट का एक हिस्सा निवेशकों में बांटने की पॉलिसी लगातार फॉलो करती रही है. इससे इन्वेस्टर्स को पोटेंशियल कैपिटल एप्रिसिएशन के साथ-साथ रेगुलर डिविडेंड इनकम का फायदा भी मिलता है.
Q3 में कैसा रहा परफॉर्मेंस?
कोल इंडिया ने पिछले हफ्ते कारोबारी साल 2026-27 की तिमाही के लिए अपना कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 7165 करोड़ रुपये बताया. यह पिछले साल की दिसंबर तिमाही के 8491 रुपये से कम है, लेकिन सितंबर तिमाही में कमाए गए 4264 करोड़ रुपये के मुनाफे से 68 परसेंट ज्यादा है.
इसी तरह से कंपनी का ऑपरेश्नल रेवेन्यू भी पिछले साल की समान तिमाही के 32359 करोड़ रुपये के मुकाबले कम दर्ज हुआ है, जो साल-दर-साल 4.7 परसेंट घटकर 30818 करोड़ रह गया. हालांकि, बीते तिमाही से इसमें 14.5 परसेंट का सुधार हुआ है. ई-ऑक्शन सेल्स से एवरेज रियलाइजेशन 2434.56 प्रति टन रहा, जबकि एक साल पहले यह 2684.79 प्रति टन था. Q3 के नतीजों के बाद घरेलू ब्रोकरेज JM फाइनेंशियल ने कोल इंडिया पर ‘रिड्यूस’ रेटिंग बनाए रखी और टारगेट प्राइस 401 रुपये प्रति शेयर रखा.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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