Multibagger stock: मल्टीबैगर स्टॉक उन्हें कहा जाता है, जिनमें आपके निवेश को कई गुना बढ़ाने का दम होता है. हालांकि, इनकी पहचान करना किसी चुनौती से कम नहीं है. मल्टीबैगर स्टॉक अकसर छोटी-मोटी कंपनियां होती हैं, जिनकी बाजार में कोई ज्यादा चर्चा नहीं होती है इसलिए निवेशक भी इसकी खबर से अनजान रह जाते हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही मल्टीबैगर स्टॉक के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने अपने निवेशकों को भारी-भरकम रिटर्न देकर मालामाल बना दिया है. यहां AI स्टॉक Affle 3i की बात हो रही है.
शुक्रवार को बाजार में भारी गिरावट के बीच Affle 3i के शेयर 4 परसेंट से ज्यादा उछल गए. कारोबारी साल 2026 की तीसरी तिमाही में शानदार परफॉर्मेंस के बाद से यह स्टॉक लगातार निवेशकों की नजरों में है. Q3 में EBITDA में लगातार 11वीं तिमाही में बढ़त और EBITDA मार्जिन में लगातार 7वीं तिमाही में बढ़त का भी इसके शेयरों पर असर पड़ा है.
दिसंबर तिमाही में कंपनी की कमाई
फरवरी में अपने तिमाही नतीजे का ऐलान करते हुए Affle 3i ने बताया कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाह में कंपनी का रेवेन्यू 718 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 19.2 परसेंट और पिछली तिमाही से 10.9 परसेंट ज्यादा है. इस दौरान EBITDA 163 करोड़ रुपये बताया गया, जो पिछले साल से 24.1 और सितंबर तिमाही से 11.6 परसेंट अधिक है.
तीसरी तिमाही में कंपनी का टैक्स के बाद का प्रॉफिट (PAT) 119 करोड़ तक पहुंच गया, जो साल-दर-साल 19.1 परसेंट की सुधार को दर्शाता है. एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, CPCU का रेवेन्यू 714 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल 19.6 परसेंट की बढ़ोतरी और तिमाही के आधार पर 12.9 परसेंट की बढ़ोतरी को दिखाता है.
कंपनी के सामने चुनौतियां
तिमाही में अच्छे नतीजे के बाद भी कंपनी के सामने चुनौतियां भी कई हैं. कंपनी ने कहा कि भारत में रियल मनी गेमिंग रेगुलेशन ने उसके रेवेन्यू परफॉर्मेंस पर बुरा असर डाला है. इसके अलावा, बढ़ी हुई इन्वेंट्री और डेटा कॉस्ट ने भी ग्रॉस मार्जिन पर दबाव डाला. फाइलिंग के अनुसार, कंपनी ने यह भी बताया कि टैक्स के बाद प्रॉफिट के मुकाबले ऑपरेटिंग कैश फ्लो का रेश्यो एजेंसियों से कलेक्शन के दिनों में बढ़ोतरी के कारण कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ, जिससे शॉर्ट-टर्म कैश कन्वर्जन पर असर पड़ा. कंपनी के सामने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का भी जोखिम है.
Affle ने बताया कि वह इंटरनेशनल मार्केट में ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए डेटा कैपेबिलिटी और एडवरटाइजिंग इन्वेंट्री में एक्टिव रूप से इन्वेस्ट कर रही है. हालांकि इन इन्वेस्टमेंट से इसके लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पोटेंशियल को बढ़ाने की उम्मीद है, लेकिन ये शॉर्ट-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी और मार्जिन पर असर डाल सकते हैं.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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