फरवरी में FIIs ने शेयर बाजार में किया 22615 करोड़ का निवेश, क्या ईरान-इजरायल जंग के बीच फिर मोड़ लेंगे मुंह?

aditisingh
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Iran-Israel War Impact on FIIs Buying: फरवरी के महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में जमकर खरीदारी की. इस दौरान इन्होंने 22615 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे. पिछले 17 महीनों में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी एक महीने के दौरान विदेशी निवेशकों ने घरेलू शेयर बाजार में इतना बड़ा निवेश किया. हालांकि, फरवरी के आखिरी दो कारोबारी सेशन में हुई भारी बिकवाली और ईरान-इजरायल के बीच छिड़ी जंग के बीच बढ़ते तनाव के चलते इस पॉजिटिव ट्रेंड के पलटने को लेकर सवालिया निशान पैदा हो गए हैं. 

एक्सपर्ट्स का मानना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव को देखते हुए विदेशी निवेशक सतर्क हो गए हैं क्योंकि इस जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच फाइनेंशियल मार्केट में रिस्क-ऑफ की स्थिति पैदा हो गई है. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि अब यह देखना बाकी है कि यह लड़ाई कैसे आगे बढ़ेगी और क्रूड व करेंसी मार्केट पर इसका क्या असर पड़ेगा. FIIs उभरते मार्केट में आगे कोई निवेश करने से पहले स्थिति के शांत होने का इंतजार करेंगे और देखेंगे कि आगे चीजें कैसे बदलती हैं. 

सुरक्षित निवेश का रूख कर सकते हैं FIIs

आमतौर पर तनाव के माहौल में निवेशक जोखिम वाले एसेट्स (इक्विटी) से पैसा निकालकर सोना और अमेरिकी बॉन्ड्स जैसे सुरक्षित माने जाने वाले ठिकानों का रूख करते हैं. ET की रिपोर्ट के मुताबिक, अर्थ भारत ग्लोबल मल्टीप्लायर फंड के फंड मैनेजर नचिकेता सावरिकर का भी कुछ ऐसा ही कहना है.

उन्होंने कहा, ”ट्रेडिंग एक्टिविटी अमेरिकी सिक्योरिटीज की ओर तेजी से झुकी हुई दिख रही है, साथ ही बुलियन की ओर भी फ्लो में एक पैरेलल बदलाव हो रहा है, जो उभरते मार्केट से कैपिटल के बाहर जाने की संभावना का संकेत है. एक्सपर्ट ने आगे कहा, “हमें उम्मीद है कि USA ट्रेजरी, तेल, सोने और चांदी में चल रही रैली जारी रहेगी.”

क्या संभल पाएगा भारतीय शेयर बाजार? 

विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की, तो घरेलू निवेशक का शेयर बाजार को सहारा मिल सकता है. शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने 7500 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, तो घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 12000 करोड़ रुपये से अधिक रुपये के शेयर खरीदे. इससे बाजार को काफी हद तक सपोर्ट मिला.

भारत के लिए उसका जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8  परसेंट है. यानी कि भारत की अर्थव्यवस्था पिछले साल के मुकाबले 7.8 परसेंट की दर से बढ़ी है. यह आंकड़ा निवेशकों को इस बात का भरोसा दिलाता है कि कंपनियों का मुनाफा बढ़ेगा क्योंकि जब इकोनॉमी इस रफ्तार से आगे बढ़ती है, तो मतलब कंपनियां अच्छा काम कर रही हैं, प्रोडक्शन बेहतर हो रहा है, लोगों को रोजगार मिल रहे हैं. जीडीपी बढ़ने से देश की कुल आय बढ़ेगी, तो लोगों की औसत कमाई या प्रति व्यक्ति आय में भी सुधार आता है. विदेशी निवेशक भी उन्हीं देशों में पैसा लगाना पसंद करते हैं, जहां की GDP ग्रोथ अच्छी हो. 

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.