देश में पढ़ाई और डिग्री को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है. UGC की तरफ से देश भर के 32 संस्थानों को फर्जी घोषित किया गया है. यूजीसी की तरफ से कहा गया है कि इन संस्थानों से मिलने वाली डिग्री न तो नौकरी के लिए मान्य होगी और न ही आगे की पढ़ाई में काम आएगी.
आयोग का कहना है कि इन फर्जी यूनिवर्सिटियों को न केंद्र सरकार से मान्यता मिली है और न ही किसी राज्य सरकार से. ऐसे में यहां से पढ़ाई करने वाले छात्रों का समय, पैसा और मेहनत तीनों बेकार हो सकते हैं. कई बार छात्र अनजाने में ऐसे संस्थानों में दाखिला ले लेते हैं और बाद में उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ता है. आइए जानते हैं कैसे आप फर्जी यूनिवर्सिटी के मायाजाल से बच सकते हैं.
कैसे कर सकते हैं बचाव?
यदि आप डिग्री कोर्स करना चाहते हैं, तो सबसे पहले UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उस यूनिवर्सिटी का नाम सर्च करें. अगर आप इंजीनियरिंग या टेक्निकल कोर्स करना चाहते हैं, तो All India Council for Technical Education (AICTE) की वेबसाइट चेक करें.
मेडिकल कॉलेज के लिए National Medical Commission (NMC), लॉ कॉलेज के लिए Bar Council of India (BCI), फार्मेसी के लिए Pharmacy Council of India (PCI), बीएड कोर्स के लिए National Council for Teacher Education (NCTE) की वेबसाइट जरूर देखें.
हर मान्यता प्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी के पास अप्रूवल ऑर्डर या एफिलिएशन लेटर होता है. आप इसे संस्थान की वेबसाइट पर देख सकते हैं या सीधे कॉलेज से मांग सकते हैं. इसके साथ ही कॉलेज का प्रोस्पेक्टस ध्यान से पढ़ें. इसमें नियम, सीटों की संख्या और एडमिशन प्रक्रिया साफ लिखी होती है. देश में शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता जांचने के लिए NAAC ग्रेड दिया जाता है. किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी का NAAC ग्रेड या AISHE कोड जरूर चेक करें. इससे आपको उस संस्थान की पढ़ाई और स्तर का अंदाजा मिलेगा.
वेबसाइट और कागजों में गलतियां
अगर किसी संस्थान की वेबसाइट या उसके दस्तावेजों में भाषा की बहुत गलतियां हों, जानकारी अधूरी लगे या कागज नकली जैसे दिखें, तो यह खतरे का संकेत है. असली संस्थान अपने दस्तावेज साफ, सही और पूरी जानकारी के साथ रखते हैं.
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