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फ्री में चलेगी TV? घर में लगी डिश को ऐसे बना सकते हैं एंटीना! जानें तरीका

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On August 22, 2026
3 min read 1.2k views
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दरअसल, Satellite Dish को स्पेस में मौजूद सैटेलाइट से आने वाले सिग्नल को पकड़ने के लिए लगाया जाता है. डिश पर लगा LNB (Low Noise Block) सैटेलाइट सिग्नल को रिसीव करके उसे केबल के जरिए रिसीवर या सेट-टॉप बॉक्स तक पहुंचाता है.

दरअसल, Satellite Dish को स्पेस में मौजूद सैटेलाइट से आने वाले सिग्नल को पकड़ने के लिए लगाया जाता है. डिश पर लगा LNB (Low Noise Block) सैटेलाइट सिग्नल को रिसीव करके उसे केबल के जरिए रिसीवर या सेट-टॉप बॉक्स तक पहुंचाता है.

वहीं, नॉर्मल TV एंटीना जमीन से ब्रॉडकॉस्ट होने वाले Terrestrial या Digital TV Signals को पकड़ता है. इसलिए केवल डिश को टीवी के एंटीना की तरह इस्तेमाल करने से हर जगह चैनल मिल जाएंगे, ऐसा जरूरी नहीं होता है.

वहीं, नॉर्मल TV एंटीना जमीन से ब्रॉडकॉस्ट होने वाले Terrestrial या Digital TV Signals को पकड़ता है. इसलिए केवल डिश को टीवी के एंटीना की तरह इस्तेमाल करने से हर जगह चैनल मिल जाएंगे, ऐसा जरूरी नहीं होता है.

कुछ कंडिशन में पुरानी डिश को दूसरे तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर आपके इलाके में ओवर-द-एयर डिजिटल टीवी प्रसारण सुविधा मौजूद है तो UHF/VHF एंटीना लगाकर फ्री-टू-एयर चैनल प्राप्त किए जा सकते हैं. पुरानी डिश का इस्तेमाल यहां एक माउंटिंग स्ट्रक्चर या सपोर्ट के तौर पर किया जा सकता है लेकिन डिश का LNB नॉर्मल टेरेस्ट्रियल टीवी सिग्नल को सीधे रिसीव करने के लिए डिजाइन नहीं होता है. यानी सिर्फ डिश को टीवी से कनेक्ट कर देना ही काफी नहीं होता है. सही टाइप का एंटीना और आपके टीवी में मौजूद ट्यूनर भी इसके लिए जरूरी होते हैं.

कुछ कंडिशन में पुरानी डिश को दूसरे तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर आपके इलाके में ओवर-द-एयर डिजिटल टीवी प्रसारण सुविधा मौजूद है तो UHF/VHF एंटीना लगाकर फ्री-टू-एयर चैनल प्राप्त किए जा सकते हैं. पुरानी डिश का इस्तेमाल यहां एक माउंटिंग स्ट्रक्चर या सपोर्ट के तौर पर किया जा सकता है लेकिन डिश का LNB नॉर्मल टेरेस्ट्रियल टीवी सिग्नल को सीधे रिसीव करने के लिए डिजाइन नहीं होता है. यानी सिर्फ डिश को टीवी से कनेक्ट कर देना ही काफी नहीं होता है. सही टाइप का एंटीना और आपके टीवी में मौजूद ट्यूनर भी इसके लिए जरूरी होते हैं.

आपको बता दें कि अगर आपके एरिया में फ्री-टू-एयर डिजिटल टीवी सिग्नल मौजूद हैं तो नॉर्मली आपको एक DVB-T/T2 या लोकल ब्रॉडकॉस्ट के अनुरूप ट्यूनर, एंटीना और को-एक्सियल केबल की जरूरत पड़ती है. कुछ एडवांस टीवी में डिजिटल ट्यूनर पहले से मौजूद होता है. ऐसे में एंटीना को टीवी के RF/Antenna पोर्ट से कनेक्ट करके चैनल स्कैन किए जा सकते हैं.

आपको बता दें कि अगर आपके एरिया में फ्री-टू-एयर डिजिटल टीवी सिग्नल मौजूद हैं तो नॉर्मली आपको एक DVB-T/T2 या लोकल ब्रॉडकॉस्ट के अनुरूप ट्यूनर, एंटीना और को-एक्सियल केबल की जरूरत पड़ती है. कुछ एडवांस टीवी में डिजिटल ट्यूनर पहले से मौजूद होता है. ऐसे में एंटीना को टीवी के RF/Antenna पोर्ट से कनेक्ट करके चैनल स्कैन किए जा सकते हैं.

अगर आपको सैटेलाइट से आने वाले फ्री-टू-एयर चैनल देखना है तो पुरानी डिश को दोबारा इस्तेमाल करना ज्यादा आसान होता है. इसके लिए डिश का साइज, उसका डॉयरेक्शन, LNB और रिसीवर सही होना जरूरी है. ध्यान रखें कि हर सैटेलाइट चैनल फ्री नहीं होता है. कई चैनलों के लिए सब्सक्रिप्शन या सेट-टॉप बॉक्स की जरूरत होती है.

अगर आपको सैटेलाइट से आने वाले फ्री-टू-एयर चैनल देखना है तो पुरानी डिश को दोबारा इस्तेमाल करना ज्यादा आसान होता है. इसके लिए डिश का साइज, उसका डॉयरेक्शन, LNB और रिसीवर सही होना जरूरी है. ध्यान रखें कि हर सैटेलाइट चैनल फ्री नहीं होता है. कई चैनलों के लिए सब्सक्रिप्शन या सेट-टॉप बॉक्स की जरूरत होती है.

बताते चलें कि कुछ फ्री-टू-एयर चैनलों के लिए किसी मंथली रिचार्ज की जरूरत नहीं होती है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हर Satellite Dish फ्री टीवी में बदल सकता है. चैनल एवेलिबिलिटी, ब्रॉडकॉस्ट टेक्नोलॉजी और आपके इलाके में सिग्नल की कंडिशन भी एक जरूरी चीजें होती हैं. इसलिए पुरानी डिश को फेंकने से पहले उसकी कंडिशन को चेक करना चाहिए.

बताते चलें कि कुछ फ्री-टू-एयर चैनलों के लिए किसी मंथली रिचार्ज की जरूरत नहीं होती है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हर Satellite Dish फ्री टीवी में बदल सकता है. चैनल एवेलिबिलिटी, ब्रॉडकॉस्ट टेक्नोलॉजी और आपके इलाके में सिग्नल की कंडिशन भी एक जरूरी चीजें होती हैं. इसलिए पुरानी डिश को फेंकने से पहले उसकी कंडिशन को चेक करना चाहिए.

Published at : 22 Aug 2026 03:11 PM (IST)



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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।