Mother Child Birth: महिलाओं को प्राचीन काल से ही देवी स्वरूपा माना गया है. नारी शक्ति महज एक नारा नहीं, स्त्रियां कोमलता, सहनशीलता की प्रतीक हैं. ये परिवर्तन की धुरी है, जो नया भविष्य लिखने की क्षमता रखती है. जब एक स्त्री बच्चे को जन्म देती है तो प्रसव पीड़ा का असहनीय दर्द सहती है, कहा जाता है कि ये दर्द 21 हड्डियां टूटने के समान होता है.
हाल ही में एक वीडियो वायरल हो रहा है, इसमें डॉक्टर स्वामी बाबा भक्ति प्रकाश ने बताया कि प्रसव पीड़ा के बाद मां कितना दर्द सहती है और कैसे बच्चे के जन्म के बाद माता का दर्द पल में छूमंतर हो जाता है.
बच्चे के जन्म के बाद
विज्ञान कहता है कि अगर किसी को 7 डेसिमल का दर्द दिया जाता हो उसकी मृत्यु हो सकीत है लेकिन बच्चे को जन्म देते समय एक मां 12 डेसिमल का दर्द सहती है. उन्होंने बताया कि 12 डेसिमल दुनिया का सबसे बड़ा और असहनीय दर्द है. इतना दर्द सहने के बाद भी जब बच्चा जन्म लेता है तो मां का दर्द मुस्कान में बदल जाता है, क्योंकि जब डॉक्टर बच्चे का स्पर्श मां के शरीर से कराते हैं तो यह प्रक्रिया मां में ऑक्सीटोसिन हार्मोन का स्राव बढ़ाती है, जो प्रसव के बाद के दर्द को कम करता है, यही वजह है कि माता पीड़ा में भी मुस्कुरा उठती है.
कौन हैं स्वामी भक्ति प्रकाश
डॉक्टर स्वामी बाबा भक्ति प्रकाश संत अखिल भारत वर्षीय धर्मसंघ से जुड़े एक आध्यात्मिक गुरु और वैदिक शाश्वत चिकित्सा के प्रणेता हैं. वे ‘योगी, निरोगी, उपयोगी’ के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं. पिछले कई वर्षों से वैदिक चिकित्सा के अध्ययन और जन-सेवा में कार्यरत हैं.
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