Budget 2026: यूनियन बजट 2026 से रियल एस्टेट सेक्टर को कई अहम उम्मीदें हैं. उद्योग को उम्मीद है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को और गति देगी, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी और नए रेजिडेंशियल व कमर्शियल कॉरिडोर विकसित होंगे.
होमबायर्स के लिए टैक्स इंसेंटिव बढ़ाने, खासकर होम लोन पर ब्याज छूट और किफायती आवास को प्रोत्साहन देने से मांग को मजबूती मिल सकती है. साथ ही, जीएसटी के तर्कसंगतकरण, आसान फाइनेंसिंग और तेज अप्रूवल प्रक्रियाएं डेवलपर्स के लिए परियोजनाओं को अधिक व्यवहार्य बनाएंगी. एक स्थिर और दूरदर्शी बजट रियल एस्टेट को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का मजबूत आधार बना सकता है.
बजट से क्या है रियल एस्टेट सेक्टर को उम्मीद?
भूटानी इंफ्रा के सीईओ आशीष भूटानी ने कहा, ”जैसे-जैसे हम यूनियन बजट के नजदीक पहुंच रहे हैं, रियल एस्टेट सेक्टर ऐसी नीतिगत पहल की उम्मीद कर रहा है जो निवेश को और अधिक सुगम बनाए, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति दे और टिकाऊ शहरी विकास को मजबूत समर्थन प्रदान करे. टैक्सेशन के तर्कसंगतकरण, मेट्रो और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी के विस्तार तथा ग्रीन और वेलनेस-आधारित डेवलपमेंट को प्रोत्साहन देने से निवेशकों का भरोसा उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकता है. एक स्थिर और दूरदर्शी नीतिगत वातावरण न केवल कमर्शियल और मिक्स्ड-यूज रियल एस्टेट में दीर्घकालिक मूल्य सृजन को सक्षम करेगा, बल्कि रोजगार के अवसर पैदा करने और समग्र आर्थिक गति को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.”
तेजी से उभर रहा नोएडा का रियल एस्टेट मार्केट
आगामी बजट पर बात करते करते हुए हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर कहते है, ”जैसे-जैसे हम यूनियन बजट 2026 के करीब आ रहे हैं, नोएडा का रियल एस्टेट मार्केट एक अहम मोड़ पर है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जल्द ही चालू होने, एक्सप्रेसवे और मेट्रो के विस्तार से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यह इलाका पहले ही हाई-ग्रोथ वाला रेजिडेंशियल और कमर्शियल कॉरिडोर बन गया है. इस इलाके में कॉर्पोरेट्स, डेटा सेंटर, GCC और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के आने से एंड-यूजर्स की डिमांड बढ़ रही है. ऐसे समय में, टारगेटेड फाइनेंशियल सपोर्ट बहुत जरूरी हो जाता है.”
उन्होंने आगे कहा, ”घर खरीदारों के लिए टैक्स इंसेंटिव, खासकर सेक्शन 24(b) के तहत इंटरेस्ट डिडक्शन को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने से डिमांड बनी रहेगी और घर खरीदना ज्यादा आसान होगा. इसके अलावा, ऐसी पॉलिसी जो मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट, रेंटल हाउसिंग और लास्ट-माइल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देती हैं, वे नोएडा को एक मैच्योर, सेल्फ सस्टेंड अर्बन इकॉनमी बनने में मदद करेंगी. नोएडा को सच में भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में से एक बनाने के लिए बजट को इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित ग्रोथ को लंबे समय तक घर खरीदारों के भरोसे और रहने लायक माहौल के साथ जोड़ना होगा.”
छोटे शहरों में भी बढ़ रही मांग
रामा ग्रुप के डायरेक्टर प्रखर अग्रवाल ने कहा, ”बजट 2026 शहरों से आगे बढ़कर पूरे देश के आवास क्षेत्र को नई दिशा देने का अच्छा मौका है. टियर-2 और टियर-3 शहरों में अब लोग अपना घर खरीदने को लेकर ज्यादा इच्छुक हैं और असली खरीदारों की मांग भी बढ़ रही है. अगर सरकार सही नीतियां लाती है तो यह विकास और तेज हो सकता है. निर्माण पर जीएसटी को आसान करना, होमबायर्स को ज्यादा टैक्स छूट देना, घरों की कीमत को आम लोगों के बजट के मुताबिक रखना और शहरों में सड़कों, परिवहन और कनेक्टिविटी पर लगातार निवेश करना जरूरी है. इससे घर खरीदना आसान होगा और देशभर में रियल एस्टेट को नई रफ्तार मिलेगी.”
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