फ्रैक्टल एनालिटिक्स के IPO का GMP
आईपीओ के खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयरों में हलचल देखी जा रही है. बाजार के जानकारों का कहना है कि फ्रैक्टल एनालिटिक्स के नॉन-लिस्टेड शेयर आज 35 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं. यानी कि आज फ्रैक्टल एनालिटिक्स के आईपीओ का GMP 35 रुपये है. इसका मतलब है कि कंपनी के शेयर इश्यू प्राइस के अपर एंड 900 रुपये से 35 परसेंट के प्रीमियम पर लिस्ट हो सकते हैं.
आईपीओ से जुड़ी कुछ और जरूरी बातें
गुरुवार, 12 फरवरी तक इसके शेयरों के अलॉट किए जाने की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है. इसके अलावा, सोमवार, 16 फरवरी, 2026 को NSE और BSE एक्सचेंज पर कंपनी के शेयरों के लिस्ट होने की उम्मीद है. फ्रैक्टल एनालिटिक्स ने इश्यू के लिए प्राइस बैंड 857 से 900 रुपये प्रति शेयर तय किया है. कंपनी ने 16 शेयरों का एक लॉट बनाया है. इसके अनुसार, रिटेल इन्वेस्टर को कम से कम एक लॉट और उसके मल्टीपल में बोली लगाने के लिए कम से कम 14,400 रुपये का इन्वेस्टमेंट करना होगा.
MUFG इंटाइम इंडिया इस इश्यू के लिए रजिस्ट्रार के तौर पर काम कर रही है. कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, एक्सिस कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी और गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं.
आईपीओ के पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?
आईपीओ से जुटाई गई रकम में से 264.9 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी अपनी सब्सिडियरी फ्रैक्टल USA में निवेश करने के लिए करेगी. इसके अलावा, 57.1 करोड़ रुपये से कंपनी लैपटॉप खरीदेगी, भारत में अपने नए ऑफिस के लिए 121.1 करोड़ और फ्रैक्टल अल्फा के तहत रिसर्च और डेवलपमेंट, साथ ही सेल्स और मार्केटिंग के लिए 355.1 करोड़ रुपये खर्च करेगी. बाकी बचे फंड का इस्तेमाल ऑर्गेनिक ग्रोथ, संभावित अधिग्रहण और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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