कार का अल्टरनेटर इंजन के चलने पर बैटरी को चार्ज रखने और सभी इलेक्ट्रिकल सिस्टम को बिजली सप्लाई करने का काम करता है. अगर ये खराब हो जाए तो कार अचानक बंद हो सकती है, बैटरी बार-बार फ्लैट हो सकती है और रास्ते में फंसने का खतरा बढ़ जाता है. समय रहते लक्षण पहचानना बेहद जरूरी है क्योंकि अल्टरनेटर फेल होने पर सिर्फ बैटरी बदलने से समस्या हल नहीं होती. कई ड्राइवर बैटरी को दोष देते हैं जबकि असली वजह चार्जिंग सिस्टम में होती है.
शुरुआती संकेतों पर ध्यान दें तो महंगे रिपेयर और अचानक ब्रेकडाउन से बचा जा सकता है. अल्टरनेटर की उम्र आमतौर पर 7-10 साल या एक लाख किलोमीटर तक होती है, लेकिन बेल्ट, बियरिंग या वोल्टेज रेगुलेटर की खराबी जल्दी समस्या पैदा कर सकती है. नियमित चेकअप और सही निदान से आप अपनी कार को सुरक्षित रख सकते हैं और अनावश्यक खर्च से बच सकते हैं. आइए जानते हैं कि कैसे पहचानें कि कार का अल्टरनेटर खराब हो गया है?
डैशबोर्ड पर बैटरी वार्निंग लाइट
सबसे साफ संकेत बैटरी या ALT/GEN वार्निंग लाइट का जलना या झपकना है. ये लाइट चार्जिंग सिस्टम का वोल्टेज मॉनिटर करती है. इंजन चलते समय ये जलना मतलब अल्टरनेटर सही आउटपुट नहीं दे रहा है.
हेडलाइट्स और लाइट्स का डिम या फ्लिकर होना
हेडलाइट्स, डैशबोर्ड लाइट या इंटीरियर लाइट आइडल पर मंद पड़ जाएं और रिव लगाने पर चमक जाएं तो अल्टरनेटर कमजोर है. एक्सेसरीज चालू करने पर भी लाइटें पल्स कर सकती हैं.
बार-बार बैटरी डेड होना
नई या अच्छी बैटरी बार-बार फ्लैट हो जाए, जंप स्टार्ट के बाद फिर डेड हो जाए तो अल्टरनेटर चार्ज नहीं कर रहा. छोटी ड्राइव के बाद भी बैटरी कम रहना बड़ा संकेत है.
अजीब आवाजें और गंध
इंजन के आगे से व्हाइनिंग, ग्राइंडिंग या स्क्वीलिंग की आवाज आना बियरिंग या बेल्ट की समस्या बताता है. जलने वाली रबर या इलेक्ट्रिकल गंध भी ओवरहीटिंग का इशारा है.
इलेक्ट्रिकल ग्लिच और स्टॉलिंग
पावर विंडो का धीमा चलना, रेडियो का रीसेट होना, गेज का झपकना या कार का स्टॉल होना कम वोल्टेज के कारण होते हैं. मॉडर्न कारों में ये समस्या जल्दी दिखती है.
अल्टरनेटर फिक्स करने का तरीका
पहले मल्टीमीटर से टेस्ट करें. इंजन बंद पर बैटरी 12.4-12.7 वोल्ट और चलते समय 13.5-14.7 वोल्ट होनी चाहिए. कम या ज्यादा होने पर अल्टरनेटर खराब है. बेल्ट, कनेक्शन और फ्यूज चेक करें. ज्यादातर मामलों में रिपेयर से बेहतर नया या रीमैनुफ़ैक्टर्ड अल्टरनेटर लगाना पड़ता है. DIY के लिए बैटरी डिस्कनेक्ट करें, बेल्ट हटाएं, वायरिंग अलग करें और माउंटिंग बोल्ट खोलकर पुराना निकाल लें.
नया लगाते समय सही एम्परेज और पुली मैच करें. बेल्ट और टेंशनर भी बदलना अच्छा रहता है. अनुभव न हो तो मैकेनिक के पास ले जाएं क्योंकि गलत इंस्टॉलेशन से और नुकसान हो सकता है. समय पर अल्टरनेटर बदलने से कार सुरक्षित रहती है.