बॉस से प्यार या करियर की तबाही? ज्योतिष के ये 3 योग बताते हैं आपके ऑफिस अफेयर का भविष्य

सतीश कुमार
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आज की कॉर्पोरेट लाइफ में ‘ऑफिस रोमांस’ कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब दिल बॉस पर आ जाए, तो मामला केवल भावनाओं का नहीं, बल्कि पावर-गेम और ग्रहों के खेल का हो जाता है . क्या यह प्रेम आपको प्रमोशन दिलाएगा या आपका इस्तीफा लिखवाएगा? इस विशेष विश्लेषण में हम जानेंगे कि शुक्र, शनि और राहु की तिकड़ी कैसे वर्कप्लेस पर ‘हनी-ट्रैप’ या ‘सोलमेट’ के योग बनाती है .

क्यों खींचता है बॉस का व्यक्तित्व?

मनोविज्ञान कहता है कि हम ‘पावर’ के प्रति आकर्षित होते हैं . ज्योतिष इसे ‘सूर्य और शनि’ का प्रभाव मानता है. जब आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर होता है, तो आप अनजाने में किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढते हैं जो आपको सुरक्षा (Protection) और सत्ता (Power) का अहसास कराए .

शनि-शुक्र की युति: यदि आपकी कुंडली में ये दो ग्रह साथ हैं, तो आपको अपने से बड़े पद या उम्र के व्यक्ति में ही अपना ‘परफेक्ट मैच’ नजर आता है .

मीरा की गलती या ग्रहों की चाल? (Case Study)

बेंगलुरु में काम करने वाली मीरा (काल्पनिक नाम) की उम्र 30 वर्ष है, ये एक मार्केटिंग मैनेजर हैं. इनका अपने डायरेक्टर के साथ 2 साल का गुप्त संबंध है. ज्योतिष के अनुसार मीरा की कुंडली में 10वें भाव (करियर) का स्वामी शनि, 5वें भाव (प्रेम) के स्वामी बुद्ध के साथ राहु से दृष्ट था. राहु ने इस रिश्ते को ‘Unconventional’ (अपरंपरागत) बना दिया.

जैसे ही शनि का गोचर मीरा के 8वें भाव (Scandals) पर आया, कंपनी के एचआर (HR) तक बात पहुंच गई. नतीजा डायरेक्टर का पद बच गया (पावरफुल ग्रह के कारण), लेकिन मीरा को मर्यादा उल्लंघन (Breach of Decorum) के नाम पर नौकरी छोड़नी पड़ी. मीरा के जीवन में ये स्थिति क्यों और कैसे बनी, कंडली से समझते हैं

  1. शुक्र और शनि (10वें भाव में) हो तो बॉस के साथ गहरा और लंबा रिश्ता, लेकिन संघर्षपूर्ण स्थिति को दर्शाता है.
  2. राहु और पंचमेश (5th Lord) गुप्त अफेयर, अफवाहें और अचानक बदनामी का डर की स्थिति पैदा करता है.
  3. गुरु की 10वें भाव पर दृष्टि, मर्यादा बनी रहेगी और रिश्ता विवाह में बदल सकता है.
  4. मंगल और शुक्र (कार्यस्थल भाव में), तीव्र शारीरिक आकर्षण, जो जल्द ही विवाद में बदल सकता है.

बृहत् पाराशर होरा शास्त्र के अनुसार, कर्म स्थान (10th House) पर जब काम-वासना के ग्रहों का प्रभाव बढ़ता है, तो जातक का बहक जाता है. वहीं यदि आपकी कुंडली में ‘गजकेसरी योग’ या ‘मजबूत गुरु’ है, तो आप कार्यस्थल की राजनीति और ऐसे संबंधों के जाल से बच निकलते हैं. लेकिन यदि छठा भाव (शत्रु) सक्रिय है, तो बॉस से प्रेम अक्सर कोर्ट-कचहरी या ‘यौन उत्पीड़न’ के आरोपों पर खत्म होता है.

टिप्स: अगर आप बॉस के प्यार में हैं, तो ये करें

यदि आप इस स्थिति में फंस चुके हैं, तो ये 3 ज्योतिषीय उपाय आपकी प्रतिष्ठा बचा सकते हैं:-

  1. शनि की शांति: हर शनिवार पीपल के नीचे दीया जलाएं, ताकि प्रोफेशनल लाइफ में ‘दंड’ न मिले .
  2. केसर का तिलक: रोज माथे पर केसर लगाएं, इससे आपका ‘गुरु’ मजबूत होगा और आपकी बुद्धि भ्रमित नहीं होगी .
  3. शुक्र का दान: यदि रिश्ता टॉक्सिक हो रहा है, तो सफेद वस्तुओं का दान करें .

सितारों की चेतावनी

बॉस से प्रेम करना गलत नहीं है, लेकिन ‘शक्ति संतुलन’ (Power Imbalance) को नजरअंदाज करना आत्मघाती हो सकता है. आपकी कुंडली के सितारे आपको संकेत देते हैं, यदि 10वें भाव में राहु है, तो संभल जाइए, यह प्रेम नहीं बल्कि एक ‘ट्रैप’ हो सकता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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