Magh Mela 2026: 1 फरवरी 2026 यानी की आज माघ पूर्णिमा के मौके पर पांचवा प्रमुख स्नान किया जा रहा है. मेला अधिकारियों के माने तो माघ पूर्णिमा के प्रमुख स्नान को लेकर तैयारियां पहले ही की जा चुकी है.
यह मौका पौष पूर्णिमा (3 जनवरी) से शुरू हुए एक महीने के कल्पवास के समाप्त होने का प्रतीक है. करीब 10 लाख से ज्यादा कल्पवासी अपनी आध्यात्मिक यात्रा समाप्त करके आस्था की अंतिम डुबकी लगाने के बाद अपने निज निवास स्थान पर वापस लौटेंगे.
आज माघ पूर्णिमा के अवसर पर मेला प्रशासन को उम्मीद है कि, न केवल नियमित तीर्थयात्रियों की बल्कि कल्पवासियों के परिवारों की भारी भीड़ उमड़ने की आशा है.
आवागमन को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित
आवागमन को बेहतर बनाने के लिए मेला प्राधिकरण ने कल्पवासियों के लिए अलग-अलग निकास मार्ग निर्धारित किए हैं. बीते दिन शुक्रवार को शिविर क्षेत्रों तक वाहनों के पहुंचने के लिए सुनिश्चित मार्ग की व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालु अपना पूरा सामान एकत्र करके रविवार या सोमवार को प्रस्थान आसानी से कर सकें.
पाल बालाजी के परम भक्त और ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के मुताबिक, स्नान के लिए शुभ मुहूर्त 1 फरवरी को सुबह 5.20 मिनट से लेकर अगले दिन 3.46 मिनट तक है.
माघ मेला में अबतक 20 करोड़ से ज्यादा लोगों ने किया स्नान
माघ मेला से जुड़े ऑफिशियल रिकॉर्ड के मुताबिक, 26 जनवरी तक त्रिवेणी संगम में 20 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके थे, जो कि पूरे माघ मेला 2026 के अपेक्षित 12-15 करोड़ तीर्थयात्रियों की संख्या में काफी ज्यादा है.
मेला अधिकारी ऋषि राज के मुताबिक, माघ मेला में बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. संगम क्षेत्र में 2 फरवरी की मध्यरात्रि तक वाहन पूरी तरह से निषेध हैं, हालांकि डीसीपी नीरज पांडे के मुताबिक, प्रशासनिक वाहनों और चिकित्सा आपात स्थिति में शामिल वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी जाएगी.

