मोबाइल ऐप्स पर दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं भारतीय यूजर्स, विदेशी कंपनियों के पास जा रहा ज्यादातर पैसा


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  • भारतीय मोबाइल ऐप मार्केट ने रिकॉर्ड राजस्व उत्पन्न किया, इन-ऐप खरीद 300 मिलियन डॉलर पार.
  • गैर-गेमिंग ऐप्स से 200 मिलियन डॉलर की कमाई, पिछले साल से 44% अधिक.
  • चैटजीपीटी, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे ऐप्स सबसे ज्यादा डाउनलोड और राजस्व कमा रहे हैं.
  • इस वर्ष 1.25 बिलियन डॉलर राजस्व की उम्मीद, लेकिन वैश्विक स्तर पर खर्च कम.

India’s Mobile App Market: भारत में अब लोग मोबाइल ऐप्स पर दिल खोलकर पैसा खर्च कर रहे हैं. यही कारण है कि भारत की मोबाइल ऐप मार्केट रिकॉर्ड रेवेन्यू जनरेट कर रही है. एक ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल की पहली तिमाही में इन-ऐप परचेज 300 मिलियन डॉलर को पार कर गई है. सालाना आधार पर 33 प्रतिशत का इजाफा है. यानी अब लोग मोबाइल ऐप्स के प्रीमियम सब्सक्रिप्शन या फीचर्स को अनलॉक करने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं. हालांकि, इस रेवेन्यू का ज्यादातर हिस्सा विदेशी कंपनियों के पास जा रहा है. 

किन ऐप्स पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं भारतीय यूजर्स?

सेंसरटावर की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली तिमाही में नॉन-गेमिंग ऐप्स ने इन-ऐप परचेज के जरिए 200 मिलियन डॉलर की आमदनी की है, जो पिछले साल की पहली तिमाही की तुलना में 44 प्रतिशत ज्यादा है. सबसे ज्यादा रेवेन्यू कमाने वाली ऐप्स में गूगल वन, फेसबुक, चैटजीपीटी, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, सोनी लिव, क्रंचीरोल, जियोहॉटस्टार और अमेजन प्राइम वीडियो शामिल हैं. वहीं सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाली ऐप्स में चैटजीपीटी, इंस्टाग्राम, फ्रीरील्स, स्टोरीटीवी, जियोहॉटस्टार, मीशो, फ्लिपकार्ट, फेसबुक, फोनपे और कुकु टीवी टॉप 10 में शामिल हैं. सालाना आधार पर जनरेटिव एआई ऐप्स के डाउनलोड लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़े हैं. चैटजीपीटी पिछले काफी समय से सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाली ऐप बनी हुई है.

इस साल इतने रेवेन्यू की उम्मीद

2021 में भारत में इन-ऐप रेवेन्यू 510 मिलियन डॉलर था, जो पिछले साल बढ़कर 1 बिलियन डॉलर के पार चला गया और इस साल यह 1.25 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर सकता है. हालांकि, डाउनलोड की संख्या अब लगभग 25 बिलियन पर आकर स्टेबल हो गई है, लेकिन ऐप्स पर बिताया जाने वाला टाइम लगातार बढ़ रहा है. यह दिखाता है कि लोग अब ऐप्स के साथ ज्यादा इंगेज कर रहे हैं और डिजिटल सर्विसेस के लिए पैसा देने के लिए भी तैयार हैं.

ग्लोबल मार्केट के मुकाबले भारत में इन-ऐप परचेज काफी कम

इन-ऐप परचेज में इस बढ़ोतरी के बावजूद भारत ग्लोबल मार्केट में काफी पीछे है. भारत में मोबाइल ऐप्स हर डाउनलोड के बदले केवल 0.03 डॉलर की कमाई करती है, जबकि साउथ-ईस्ट एशिया और लैटिन अमेरिका में कंपनियों को हर डाउनलोड के बदले 0.20 डॉलर तक की कमाई होती है. इसका मतलब है कि भारत के यूजर्स कई दूसरी मार्केट की तुलना में ऐप्स पर कम पैसे खर्च कर रहे हैं.

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