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मोबाइल डेटा खपत में भारत बना नंबर-1, 2031 तक इतने करोड़ लोगों के हाथ में होगा 5G!

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By Aman Shanti .In On June 17, 2026
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  • भारत में 2031 तक 110 करोड़ 5G उपयोगकर्ता होंगे।
  • 4G उपयोगकर्ता 5G पर स्थानांतरित होंगे, मासिक डेटा खपत बढ़ेगी।
  • 5G स्टैंडअलोन सेवाओं से उद्योगों को विशेष लाभ मिलेगा।
  • विश्व में 5G का तेजी से विस्तार, अपलोड ट्रैफिक बढ़ा।

Mobile Data: भारत में 5G का तेजी से विस्तार हो रहा है और आने वाले वर्षों में यह तकनीक देश के डिजिटल परिदृश्य को पूरी तरह बदल सकती है. टेलीकॉम डिवाइस निर्माता कंपनी ericsson.com की नई मोबिलिटी रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2031 तक भारत में 5G यूजर्स की संख्या 110 करोड़ से अधिक हो सकती है. यह आंकड़ा देश के कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शनों का करीब 81 प्रतिशत होगा. सस्ते 5G स्मार्टफोन, बेहतर नेटवर्क कवरेज और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) सेवाओं के विस्तार को इसक मुख्य कारण माना जा रहा है.

5G की ओर तेजी से बढ़ रहे भारतीय यूजर्स

रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 के अंत तक भारत में लगभग 43 करोड़ 5G सब्सक्राइबर थे जो कुल मोबाइल कनेक्शनों का करीब 35 प्रतिशत हिस्सा थे. फिलहाल 4G नेटवर्क सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली तकनीक बना हुआ है और इसकी हिस्सेदारी लगभग 46 प्रतिशत है. हालांकि आने वाले वर्षों में यह स्थिति बदलने वाली है. अनुमान है कि 2025 में करीब 57 करोड़ रहने वाले 4G उपभोक्ताओं की संख्या घटकर 2031 तक लगभग 16 करोड़ रह जाएगी क्योंकि ज्यादातर यूजर्स 5G नेटवर्क की ओर शिफ्ट हो जाएंगे.

मोबाइल डेटा खपत में दुनिया से आगे भारत

भारत पहले से ही प्रति स्मार्टफोन मोबाइल डेटा इस्तेमाल के मामले में दुनिया में आगे बना हुआ है. वर्तमान में एक भारतीय स्मार्टफोन यूजर औसतन हर महीने लगभग 37GB डेटा खर्च करता है. रिपोर्ट का अनुमान है कि 2031 तक यह खपत बढ़कर करीब 70GB प्रति माह तक पहुंच सकती है. वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड बेस्ड सर्विसेज और नए डिजिटल एप्लिकेशनों की बढ़ती लोकप्रियता इसके पीछे प्रमुख कारण हैं.

5G नेटवर्क में नए प्रयोगों की शुरुआत

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारतीय टेलीकॉम बाजार में अब पुरानी इंटरनेट सेवाओं से आगे बढ़कर एडवांस 5G इस्तेमाल शुरू हो चुके हैं. हाल ही में एक टेलीकॉम कंपनी ने 5G स्टैंडअलोन (SA) नेटवर्क स्लाइसिंग तकनीक के जरिए पोस्टपेड ग्राहकों के लिए अलग तरह की कनेक्टिविटी सेवाएं लॉन्च की हैं. इससे माना जा रहा है कि आने वाले समय में 5G का इस्तेमाल केवल तेज इंटरनेट तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि उद्योगों और विशेष सेवाओं के लिए भी किया जाएगा.

दुनिया भर में 5G का बढ़ता प्रभाव

वैश्विक स्तर पर भी 5G तेजी से विस्तार कर रहा है. 2026 की पहली तिमाही में दुनिया भर में 5G सब्सक्रिप्शन 310 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है. रिपोर्ट का अनुमान है कि 2031 तक यह संख्या बढ़कर 640 करोड़ से ज्यादा हो सकती है. वर्तमान में लगभग 390 टेलीकॉम ऑपरेटर व्यावसायिक 5G सर्विसेज दे रहे हैं जबकि 90 से अधिक ऑपरेटर 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क तैनात कर चुके हैं.

डाउनलोड से ज्यादा तेजी से बढ़ रहा अपलोड ट्रैफिक

एरिक्सन की रिपोर्ट में एक दिलचस्प बदलाव का भी जिक्र किया गया है. अब कई टेलीकॉम नेटवर्क पर अपलोड ट्रैफिक की वृद्धि डाउनलोड ट्रैफिक से ज्यादा तेज हो रही है. वीडियो शेयरिंग, सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन, ऑनलाइन असिस्टेंट ऐप्स और क्लाउड स्टोरेज सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के कारण लोग पहले की तुलना में ज्यादा डेटा अपलोड कर रहे हैं. यही वजह है कि नेटवर्क ट्रैफिक के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है.

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Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।