India US Trade Deal: अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ में कटौती की घोषणा के बाद भारतीय व्यापार जगत और शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट, केमिकल, फार्मा, सीफूड और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कई अहम सेक्टरों को मजबूती मिलेगी और भारत के निर्यात व निवेश माहौल में नई ऊर्जा आएगी.
जोश में बाजार
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने के बाद से शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता बनी हुई थी, लेकिन जैसे ही टैरिफ कटौती की घोषणा हुई, सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी देखने को मिली और अमेरिका से जुड़े शेयरों में मजबूत खरीदारी हुई. उन्होंने बताया कि अडाणी पोर्ट, अडाणी ग्रीन और अडाणी एनर्जी जैसे शेयरों में 8 से 10 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई, जबकि भारत फोर्ज, मदरसन्स और सोना बीएलडब्ल्यू जैसे शेयरों में भी अच्छी बढ़त रही.
गोयल ने कहा कि इस फैसले के बाद विदेशी निवेशकों की ओर से भी भारतीय बाजार में दोबारा रुचि दिखाई दे रही है, जो लंबे समय बाद सकारात्मक संकेत है. उन्होंने यह भी बताया कि 50 प्रतिशत टैरिफ के कारण भारतीय उत्पाद अमेरिका में करीब 35 प्रतिशत तक महंगे हो गए थे, जिससे खरीदार दूसरे देशों की ओर मुड़ने लगे थे और 48 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात प्रभावित हुआ था, साथ ही करीब 10 लाख लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया था.
एक्सपोर्ट में तेजी
CTI के अनुसार भारत अमेरिका को बड़ी मात्रा में फार्मास्युटिकल्स, वस्त्र एवं परिधान, रत्न व आभूषण, ऑटो कंपोनेंट, केमिकल, सीफूड और इंजीनियरिंग गुड्स का निर्यात करता है, जबकि अमेरिका से भारत में मिनरल्स, महंगे रत्न-आभूषण, मशीनरी, हवाई जहाज के उपकरण, इलेक्ट्रिकल-ऑप्टिकल सामान और केमिकल्स का आयात होता है. CTI का मानना है कि टैरिफ कटौती से भारत-अमेरिका व्यापार संबंध और मजबूत होंगे, निर्यात को गति मिलेगी, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलेगा.

