यूपी:प्रदेश में बढ़ने जा रही हैं बालू और मौरंग की कीमतें, कैबिनेट के फैसले के बाद इतने बढ़ेंगे दाम – Up: Sand And Gravel Prices Are Set To Rise In The State, Following A Cabinet Decision; Learn The Details.

Aman Shanti In
3 Min Read


प्रदेश सरकार ने मौरंग, बालू समेत निर्माण में उपयोग होने वाले उपखनिजों की रॉयल्टी और डेड रेंट दरों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने खनिज परिहार नियमावली में दूसरे संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके बाद भवन निर्माण, सड़क निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों की लागत बढ़ सकती है।

खनन विभाग के मुताबिक नदी तल से प्राप्त मौरंग की न्यूनतम रॉयल्टी दर 150 रुपये प्रति घन मीटर से बढ़ाकर 190 रुपये प्रति घन मीटर कर दी गई है। पहाड़ों के क्षरण से मिलने वाली लाल मौरंग की दर 75 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति घन मीटर तय की गई है। साधारण बालू की रॉयल्टी में भी 15 रुपये प्रति घन मीटर का इजाफा किया गया है। 

सिलिका सैंड की रॉयल्टी 100 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति टन कर दी गई है। ग्रेनाइट पर भी दरें बढ़ाई गई हैं। एक मीटर या उससे अधिक आकार की ग्रेनाइट के लिए रॉयल्टी 5,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रति घन मीटर तथा एक मीटर से कम आकार की ग्रेनाइट के लिए 3,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये प्रति घन मीटर कर दी गई है। चूना पत्थर को अब स्वामित्व शुल्क की सूची से बाहर कर दिया गया है।

सरकार ने उपखनिजों के वार्षिक निश्चित न्यूनतम किराया (डेड रेंट) में भी बढ़ोतरी की है। मार्बल और मार्बल चिप्स के लिए डेड रेंट 40 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये, इमारती पत्थर-गिट्टी और नदी तल की मौरंग के लिए 90 हजार से बढ़ाकर 1.35 लाख रुपये कर दिया गया है। लाल मौरंग, साधारण बालू और साधारण मिट्टी के लिए भी डेड रेंट में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

हालांकि खनन विभाग का कहना है कि प्रदेश में अधिकांश खदानें पहले से ही नीलामी के माध्यम से ऊंची दरों पर उठाई जा रही हैं, इसलिए इस बढ़ोतरी का तत्काल असर न तो बाजार कीमतों पर पड़ेगा और न ही राजस्व पर। कैबिनेट की मंजूरी के बाद नियमावली में संशोधन के औपचारिक आदेश सोमवार को जारी किए जाएंगे।



Source link

Share This Article
Leave a Comment