वैश्विक अनिश्चितता के बीच इस हफ्ते और चढ़ेगा सोना-चांदी का भाव? जानें क्या बोले एक्सपर्ट्स

सतीश कुमार
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Gold Price Predictions: वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच सोने और चांदी की कीमतों में अगले सप्ताह भी मजबूती बने रहने की संभावना जताई जा रही है. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक निवेशकों की नजर एक साथ कई बड़े घटनाक्रमों पर टिकी है, जिनमें अमेरिका में व्यापार शुल्क को लेकर अमेरिकी उच्चतम न्यायालय की सुनवाई, फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक और भारत में 1 फरवरी को पेश होने वाला केंद्रीय बजट शामिल है.

इन सभी फैक्टरों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों ही कीमती धातु बाजारों पर पड़ सकता है. खास तौर पर बजट में आयात शुल्क या टैक्स से जुड़े किसी भी बदलाव से भारत में सोने-चांदी की कीमतों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है.

चांदी पहली बार 3 लाख के पार

बीते सप्ताह घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर सोने में करीब 9.5 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई और यह 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. वहीं चांदी ने और भी तेज रफ्तार दिखाई और लगभग 16 प्रतिशत उछलकर पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार कर गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो कॉमेक्स पर सोना लगभग 5,000 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया, जबकि चांदी ने 100 डॉलर प्रति औंस का ऐतिहासिक स्तर पहली बार पार किया. यह तेजी मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान तनाव, वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंका, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग की वजह से देखने को मिली है.

विशेषज्ञों का मानना है कि फेडरल रिजर्व इस महीने ब्याज दरों में बदलाव नहीं कर सकता है, लेकिन कमजोर श्रम बाजार और महंगाई के संकेतों को देखते हुए इस साल कम से कम दो बार दरों में कटौती की संभावना बनी हुई है.

आमतौर पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों को सपोर्ट करती है. इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर सख्त और फिर नरम होते बयानों ने भी बाजार में अस्थिरता बढ़ाई है, जिससे निवेशक लगातार सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं.

अस्थाई गिरावट के चेतावनी

हालांकि जानकार यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि इतनी तेज तेजी के बाद बीच-बीच में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है, जिससे कीमतों में अस्थायी गिरावट आ सकती है. लेकिन कुल मिलाकर जब तक वैश्विक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और नीतिगत फैसलों को लेकर असमंजस बना रहेगा, तब तक सोने और चांदी की कीमतों को मजबूत सपोर्ट मिलता रहने की उम्मीद है. ऐसे में निवेशकों के लिए रणनीति यही मानी जा रही है कि गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखा जाए, न कि घबराकर बाजार से बाहर निकलने का संकेत.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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