श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने शिक्षा और युवाओं को लेकर एक बड़ा और सराहनीय फैसला लिया है. बोर्ड ने घोषणा की है कि कटरा और आसपास के इलाकों के छात्रों के लिए मुफ्त नीट (NEET) कोचिंग सेंटर शुरू किए जाएंगे. इसका मकसद उन छात्रों को आगे बढ़ने का मौका देना है, जो डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं लेकिन महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते.
यह फैसला जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया. बैठक में तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं, शिक्षा, खेल, पर्यावरण और स्थानीय विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.
गरीब और मेहनती छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा
नीट देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए लाखों छात्र हर साल इस परीक्षा में बैठते हैं. ऐसे में श्राइन बोर्ड की यह पहल खास तौर पर उन छात्रों के लिए राहत लेकर आई है, जो आर्थिक कारणों से अच्छी कोचिंग नहीं ले पाते.
बोर्ड के अनुसार, ये मुफ्त नीट कोचिंग सेंटर आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे. यहां अनुभवी शिक्षक पढ़ाएंगे और छात्रों को पढ़ाई के साथ सही मार्गदर्शन भी मिलेगा. इससे कटरा और आसपास के इलाकों के छात्र भी बड़े शहरों के छात्रों की तरह तैयारी कर सकेंगे.
शिक्षा को सेवा से जोड़ने की कोशिश
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि माता वैष्णो देवी श्राइन सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा और समाज निर्माण का भी माध्यम है. नीट कोचिंग शुरू करना इसी सोच का हिस्सा है. उनका कहना है कि शिक्षा के जरिए युवाओं को मजबूत बनाना सबसे बड़ी सेवा है.
श्राइन बोर्ड का मानना है कि जब स्थानीय छात्र डॉक्टर बनेंगे, तो वे आगे चलकर अपने क्षेत्र की सेवा भी बेहतर तरीके से कर पाएंगे. इससे पूरे इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा.
यात्रियों के लिए बीमा राशि बढ़ी
बैठक में एक और अहम फैसला तीर्थ यात्रियों को लेकर लिया गया. अब वैष्णो देवी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये कर दी गई है. किसी भी दुर्घटना की स्थिति में यह राशि यात्रियों या उनके परिवार के लिए बड़ी मदद साबित होगी.
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