सावधान! फोन पर Unknown नंबर से आए मैसेज पर न करें बेधड़क रिप्लाई, बेंगलुरु में 70 लाख की ठगी

सतीश कुमार
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Bitcoin Scam: आजकल स्कैमर्स लोगों के ठगने के लिए तरह-तरह के पैंतरे अपना रहे हैं. इन्हीं में से एक है बिटकॉइन स्कैम. इसमें इंसान को मोटी कमाई का लालच दिखाकर उसे ठगा जाता है. ऐसे में हम-आप जैसे आम लोगों को फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है.

हाल ही में बेंगलुरु में प्राइवेट इक्विटी फर्म में काम करने वाले एक 50 साल के शख्स को बिटकॉइन स्कैम के ही जरिए 50 लाख रुपये का चूना लगा. उसकी गलती बस इतनी थी कि उसने टेलीग्राम पर आए एक महिला के मैसेज का जवाब दे दिया था. इसके बाद स्कैमर ने उसे धोखे से अपनी जाल में फंसा लिया.

बातों-बातों में छिड़ा बिटकॉइन ट्रेडिंग का जिक्र

बेंगलुरु के कोडिहल्ली के रहने वाले शख्स की पुलिस के पास दर्ज कराई शिकायत के मुताबिक, पिछले साल 30 नवंबर को उसे टेलीग्राम पर प्रिया अग्रवाल नाम की एक महिला का मैसेज आया, जो राहुल नाम के किसी आदमी से कॉन्टैक्ट करना चाह रही थी. गलती से मैसेज उसके फोन पर आ गया. मैसेज को इग्नोर करने की जगह पीड़ित महिला से बातें करने लगा. इसके बाद दोनों में रोज बातें होने लगीं. टेलीग्राम से मामला WhatsApp पर आ गया.

+447490569470 नंबर से बात करते हुए प्रिया ने शख्स को बताया कि वह UK के लिवरपूल में रहती है और एक फैमिली बिजनेस चलाती है. समय के साथ शख्स का प्रिया पर भरोसा बढ़ता गया. प्रिया अकसर इस दावे के साथ ऑनलाइन बिटकॉइन ट्रेडिंग की बातें करती थी कि उसे इसके जरिए बीते चार-पांच सालों में खूब प्रॉफिट हुआ है. 

ऑनलाइन ट्रेडिंग में लगा दी सारी जमा पूंजी

प्रिया ने जैसे-तैसे शख्स को भी इन्वेस्ट करने के लिए मना लिया. उसने बेहतर मुनाफे और ट्रेडिंग को लेकर गाइड करने का भी भरोसा दिलाया. इसके बाद एक लिंक पर क्लिक करने के साथ एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पीड़ित का अकाउंट बन गया. 9 दिसंबर, 2025 को उसने अपना पहला इन्वेस्टमेंट 50,000 रुपये का किया. यह रकम प्लेटफॉर्म की तथाकथित कस्टमर सपोर्ट टीम द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी गई. डैशबोर्ड पर दिख रहे मुनाफे से उसका भरोसा बढ़ता गया और उसने निवेश करना जारी रखा.

दिसंबर, 2025-14 जनवरी, 2026 के बीच उसने आठ अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए टोटल 70 लाख रुपये ट्रांसफर किए. उसे ट्रेडिंग की इतनी लत लगी कि उसने फंड का इंतजाम करने के लिए एक बैंक और एक फाइनेंस फर्म से लोन भी लिया, अपनी सारी सेविंग्स लगा दी. ये सब प्रिया के कहने पर किया. ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर उसके अकाउंट में 2.6 करोड़ रुपये तक का मुनाफा होते दिखने लगा, जिससे उसका यह विश्वास और मजबूत हो गया कि निवेश असली है.

कैसे हुआ फ्रॉड का खुलासा?

मामला तब फंसा, जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की. बार-बार कोशिश करने के बावजूद वह पैसे नहीं निकाल पाया. उसे पता चला कि उसका अकाउंट फ्रीज कर दिया गया है.  जब उसने कस्टमर सपोर्ट से बात करने की कोशिश की, तो कथित तौर पर उससे टैक्स और प्रोसेसिंग फीस जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे निकालने के लिए और पैसे जमा करने को कहा गया. उसे एहसास हुआ कि वह एक बड़े घोटाले का शिकार हो गया है. इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क कर नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई.

ईस्ट साइबर क्राइम पुलिस ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट और BNS की धारा 318 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने कहा, “हमने लोगों को सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों के मैसेज का जवाब देने से सावधान किया है, खासकर उन मैसेज से जो जल्दी और ज्यादा इन्वेस्टमेंट रिटर्न का वादा करते हैं.” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे ‘गलत मैसेज’ वाले बातचीत का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड करने के लिए जाल के तौर पर कर रहे हैं.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.