सैटेलाइट, न ड्रोन फिर भी सबसे ताकतवर! 90 साल पुरानी Radar तकनीक आज भी युद्ध की असली आंख क्यों है?

aditisingh
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Radar Technology: आज का युद्ध सिर्फ टैंकों और बंदूकों से नहीं लड़ा जाता बल्कि तकनीक की मदद से दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है. आधुनिक समय में सैटेलाइट, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी कई एडवांस तकनीकें मौजूद हैं लेकिन इन सबके बावजूद एक ऐसी तकनीक है जो करीब 90 साल पुरानी होने के बावजूद आज भी हर सेना के लिए बेहद अहम मानी जाती है. यह तकनीक है रडार (Radar) जिसे आधुनिक युद्ध की आंख कहा जाता है.

दूसरे विश्व युद्ध से शुरू हुई रडार की अहमियत

रडार तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल सबसे पहले दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हुआ था. उस समय इसका इस्तेमाल दुश्मन के विमानों को दूर से पहचानने के लिए किया जाता था. यह तकनीक रेडियो तरंगों की मदद से किसी भी वस्तु की दूरी, दिशा और गति का पता लगाने में सक्षम होती है. यही वजह है कि युद्ध के मैदान में यह सैनिकों को पहले से ही खतरे के बारे में चेतावनी दे सकती है.

कैसे काम करता है रडार

रडार सिस्टम रेडियो वेव्स यानी रेडियो तरंगों को हवा में भेजता है. जब ये तरंगें किसी विमान, मिसाइल या जहाज से टकराती हैं तो वापस लौट आती हैं. रडार इन लौटने वाली तरंगों का विश्लेषण करके यह पता लगा लेता है कि सामने मौजूद वस्तु कितनी दूर है किस दिशा में है और कितनी तेज़ी से आगे बढ़ रही है. इस पूरी प्रक्रिया में कुछ ही सेकंड लगते हैं.

आधुनिक युद्ध में रडार की भूमिका

आज के समय में रडार सिर्फ विमानों का पता लगाने तक सीमित नहीं है. इसका इस्तेमाल मिसाइल डिफेंस सिस्टम, एयर डिफेंस नेटवर्क, नौसेना की निगरानी और यहां तक कि मौसम की जानकारी लेने के लिए भी किया जाता है. कई देशों ने अत्याधुनिक रडार सिस्टम विकसित किए हैं जो सैकड़ों किलोमीटर दूर तक दुश्मन की गतिविधियों को ट्रैक कर सकते हैं.

नई तकनीक के बावजूद क्यों जरूरी है रडार

हालांकि सैटेलाइट और ड्रोन निगरानी में काफी मदद करते हैं, लेकिन हर स्थिति में उनका इस्तेमाल संभव नहीं होता. बादल, खराब मौसम या तकनीकी सीमाओं के कारण कई बार सैटेलाइट से सही जानकारी नहीं मिल पाती. वहीं रडार सिस्टम जमीन पर तैनात होकर लगातार निगरानी कर सकता है और तुरंत अलर्ट जारी कर सकता है.

युद्ध की रणनीति में रडार की अहमियत

आधुनिक सेनाओं के लिए समय पर सूचना मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है. अगर दुश्मन के विमान या मिसाइल का पहले ही पता चल जाए तो उन्हें रोकना काफी आसान हो जाता है. इसी वजह से रडार आज भी हर देश की रक्षा प्रणाली का एक अहम हिस्सा बना हुआ है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.