हेडफोन लगाते हैं तो हो जाइए सावधान, जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती है ये बीमारी

सतीश कुमार
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Can Headphones Cause Permanent Hearing Loss: आज के दौर में टेक्नोलॉजी हमारी जरूरत भी है और मजबूरी भी. ईयरफोन या हेडफोन इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं. सुबह की वॉक हो, मेट्रो का सफर, बस में यात्रा, कैफे में बैठना या ऑफिस में कॉल, हर जगह लोग कानों में ईयरफोन लगाए नजर आते हैं. इससे आसपास के लोगों को भले परेशानी न हो, लेकिन लगातार और लापरवाही से इस्तेमाल आपकी सुनने की क्षमता पर गंभीर असर डाल सकता है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन का अनुमान है कि अनसेफ सुनने की आदतों के कारण दुनिया भर में करीब एक अरब युवा सुनने की क्षमता खोने के जोखिम में हैं.

सबसे बड़ी चिंता आवाज की तीव्रता और इस्तेमाल की अवधि को लेकर है. ईयरफोन बहुत कम दूरी से तेज आवाज सीधे कानों तक पहुंचाते हैं. लगातार ऊंची आवाज़ में संगीत सुनना या लंबे समय तक ईयरफोन लगाए रखना, दोनों ही खतरनाक हैं. इसके अलावा, ईयरफोन अलग-अलग जगहों पर रखे जाते हैं, जिससे उन पर बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं. इन्हें शेयर करने से इंफेक्शन का खतरा और बढ़ जाता है.

क्या होती है दिक्कत?

Manipalhospitals की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब हम तेज़ आवाज में कुछ सुनते हैं तो ध्वनि तरंगें कान के पर्दे को कंपन करती हैं. यह कंपन अंदरूनी कान के कोक्लिया तक पहुंचता है, जहां हजारों सूक्ष्म हेयर सेल्स होती हैं. तेज आवाज इन कोशिकाओं पर ज्यादा दबाव डालती है. लगातार ऐसा होने पर ये सेल्स अपनी संवेदनशीलता खो सकती हैं या स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकती हैं. यही स्थिति शोर से होने वाली सुनने की कमी का कारण बनती है.

कई लोगों को कानों में घंटी बजने जैसी आवाज़ सुनाई देने लगती है, जिसे टिनिटस कहा जाता है. कुछ मामलों में सामान्य आवाजें भी असहनीय लगने लगती हैं, जिसे हाइपरएक्यूसिस कहते हैं. लंबे समय तक तेज शोर के संपर्क में रहने से चक्कर आना, कान दर्द, अत्यधिक ईयरवैक्स जमा होना और बार-बार इंफेक्शन की समस्या भी हो सकती है.

इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?

हेल्थ एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि आवाज़ हमेशा मध्यम रखें और लगातार लंबे समय तक न सुनें. नॉइज-कैंसिलिंग या ओवर-द-ईयर हेडफोन बेहतर विकल्प हो सकते हैं क्योंकि ये बाहरी शोर कम कर देते हैं, जिससे वॉल्यूम बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती. ईयरफोन को रेगुलर रूप से साफ करना भी जरूरी है. सफर के दौरान पहले से शोर भरे माहौल में ईयरफोन लगाने से बचें, क्योंकि इससे कुल डेसिबल स्तर और बढ़ जाता है. छोटी-सी सावधानी आपके कानों को स्थायी नुकसान से बचा सकती है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.