होली 2026 पर चंद्र ग्रहण और भद्रकाल का साया! क्या होगा त्योहार पर असर? जानें शुभ मुहूर्त और सावधानियां!

सतीश कुमार
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Lunar Eclipse and Bhadrakaal on Holi 2026: हर वर्ष फाल्गुन महीने की पूर्णिमा के मौके पर होलिका दहन मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इसके अगले दिन होली का पर्व मनाया जाता है, जो रंगों, प्रेम और आनंद से भरा त्योहार है.

इस वर्ष होलिका दहन का पर्व 3 मार्च 2006 को है. हालांकि इसी दिन एक दुर्लभ चंद्र ग्रहण की घटना भी घटित होगी, जो भारत में साफतौर पर दिखाई देगा. 

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, जब किसी भी बड़े त्योहार के दौरान ग्रहण लगता है, तो इसे एक सामान्य घटना नहीं माना जाता है. इसक असर न केवल देश और दुनिया पर बल्कि लोगों के व्यक्तिगत जीवन में भी पड़ता है. सवाल यह है कि, होली के त्योहार पर इस खगोलीय घटना का क्या प्रभाव होगा? 

चंद्र ग्रहण का समय

इस वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगेगा. यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जो भारत में दृश्यमान होगा. खबरों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण शाम 6 बजकर 26 मिनट से लेकर 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. ग्रहण की कुल अवधि 20 मिनट होगी. 

सूतक काल का समय

ज्योतिषियों के मुताबिक, सूतक काल 3 मार्च को सुबह 9.39 बजे से शुरू होगा. इस दौरान यात्रा करने, नए उद्यम स्थापित करने या धार्मिक अनुष्ठान करने की मनाही होती है. 

चंद्र ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा?

खगोलविदों के मुताबिक, इस वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में दिखाई देगा. 

भद्र काल किसे कहते हैं?

ज्योतिषीयों के मुताबिक, होलिका दहन के दिन 3 मार्च को भाद्र नक्षत्र की अवधि सुबह 1.25 से 4.30 बजे तक रहेगी.

होलिका दहन 2026 कब है?

इस साल फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5.55 बजे से शुरू होगी. यह तिथि 3 मार्च को शाम 5.07 बजे समाप्त होगी. पंचांग के मुताबिक, होलिका दहन 3 मार्च, 2026 को समाप्त हो जाएगा. 

होलिका दहन मुहूर्त 2026

इस साल चंद्र ग्रहण होलिका दहन के दिन पड़ रही है. हालांकि ग्रहण शाम 6.46 बजे समाप्त होगा. इसलिए होलिका दहन के लिए शुभ समय 3 मार्च को शाम 6.25 से रात 8.50 बजे तक रहेगा. आप इस दौरान होलिका दहन की विधिया कर सकते हैं. 

होलिका दहन के दिन इन बातों का रखें विशेष ध्यान?

  • सबसे पहले ग्रहण के दौरान होली से जुड़ी कोई भी अनुष्ठान न करें.
  • ग्रहण काल के दौरान घर पर खाना पकाने या सब्जियां काटने से भी बचना चाहिए. 
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद अपने घर को गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें. 
  • कुछ वस्तुओं का दान करना खास रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि यह नकारात्मकता को दूर करने में सहायक है. 
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद पूजा कक्ष को साफ करें और सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों का स्नान कराएं. 
  • इसके बाद खुद स्नान करें और फिर होलिका दहन पूजा और अन्य संबंधित अनुष्ठानों को करें. 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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