12वीं के छात्र सप्लीमेंट्री में सिर्फ एक विषय में दे सकेंगे इम्प्रूवमेंट, CBSE ने जारी की नई गाइडलाइन

सतीश कुमार
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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी सीबीएसई ने 2026 से बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े कुछ अहम बदलाव स्पष्ट कर दिए हैं. बोर्ड के अनुसार, 12वीं पास कर चुके छात्र अपने नंबरों में सुधार के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा में सिर्फ एक सब्जेक्ट में ही इंप्रूवमेंट दे सकेंगे. वहीं 10वीं के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं की नीति पहले की तरह लागू रहेगी. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि सीबीएसई ने 2026 में बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े कौन-कौन से बदलाव स्पष्ट किए हैं. 

12वीं के छात्रों के लिए क्या है नियम?

सीबीएसई के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन संयम भारद्वाज ने जानकारी दी है कि 12वीं के छात्र जुलाई 2026 में होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षाओं में केवल एक सब्जेक्ट में ही सुधार का मौका पा सकते हैं. वहीं अगर कोई छात्र एक से ज्यादा सब्जेक्ट में सुधार करना चाहता है तो उसे अगले साल फरवरी में होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा में शामिल होना होगा. यानी सप्लीमेंट्री में मल्टीपल सब्जेक्ट इंप्रूवमेंट की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा बोर्ड के अनुसार 12वीं की इंप्रूवमेंट परीक्षा 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है. मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद छात्र इंप्रूवमेंट या कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे. वहीं रिजल्ट जारी होने के समय विस्तृत दिशा निर्देश भी जारी किए जाएंगे. इसके अलावा सीबीएसई ने साफ किया है कि दो परीक्षा की व्यवस्था केवल दसवीं कक्षा के लिए है,12वीं के छात्रों पर यह नीति लागू नहीं होगी. 

दसवीं के लिए कैसे होगा इंप्रूवमेंट?

बोर्ड के अनुसार दसवीं में दूसरी बोर्ड परीक्षा ही इंप्रूवमेंट परीक्षा मानी जाएगी. मुख्य परीक्षा समाप्त होने के बाद के तुरंत बाद लगभग 10 दिन के लिए एक विंडो खोला जाएगा, जिसमें छात्र  संभावित रिजल्ट के आधार पर दूसरी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे. पहले परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद एक और अवसर दिया जाएगा, जिसमें अपने नंबरों को देखकर छात्र आवेदन कर सकते हैं. वहीं दूसरी परीक्षा में शामिल होने के लिए निर्धारित फीस जमा करना अनिवार्य होगा केवल फीस जमा करने वाले उम्मीदवारों को ही परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी. 

प्राइवेट उम्मीदवारों का प्रतिशत कैसे होगा तय?

सीबीएसई ने प्राइवेट कैंडिडेट के सिर्फ दो सब्जेक्ट में एग्जाम देने को लेकर स्पष्ट किया है कि मार्कशीट में केवल नंबर दर्ज किए जाते हैं, बोर्ड खुद प्रतिशत की गणना नहीं करता है. प्रतिशत निकालने का तरीका संबंधित विश्वविद्यालय, उच्च शिक्षण संस्थानों या नौकरी देने वाले ऑर्गनाइजेशन के नियमों पर निर्भर करेगा. वहीं अपने एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के हिसाब से परसेंटेज कैलकुलेट तय कर सकेंगे. 

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.